अध्यात्म

हनुमान जी को सबसे ज्यादा प्रिय हैं ये 7 भोग, जन्मोत्सव पर जरूर करें अर्पित

Hanuman Ji Ko Kaun Sa Bhog Sabse Jyada Pasand Hai: भगवान हनुमान जी कलयुग के जाग्रत देव माने जाते हैं। चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। मान्यता है कि दिन भगवान हनुमान जी को उनका पसंदीदा भोग लगाने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूरी होती है। आइए जानते हैं कि हनुमान जी को कौन से भोग प्रिय हैं।

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हनुमान जी को क्या पसंद है?

Hanuman Ji Ko Kaun Sa Bhog Sabse Jyada Pasand Hai: हिंदू धर्म में हनुमान जी को बल, भक्ति और सेवा का प्रतीक माना जाता है। 2 अप्रैल 2026 को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा, और इस दिन भक्त विशेष पूजा के साथ उन्हें उनके प्रिय भोग अर्पित करते हैं। मान्यता है कि अगर इस दिन सच्चे मन से उनके पसंदीदा भोग चढ़ाए जाएं, तो बजरंगबली शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। आइए जानते हैं कि हनुमान जी को कौन-कौन से भोग सबसे ज्यादा प्रिय हैं।

बूंदी और बेसन के लड्डू

हनुमान जी को सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले भोगों में बूंदी और बेसन के लड्डू शामिल हैं। मंदिरों में अक्सर उन्हें बूंदी का प्रसाद चढ़ाया जाता है।

मान्यता है कि लड्डू का भोग लगाने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और कार्यों में सफलता मिलती है। हनुमान जन्मोत्सव पर यह भोग विशेष रूप से अर्पित किया जाता है। बेसन का लड्डू की खास कार्य सिद्धि के लिए होता है, वहीं बूंदी का लड्डू सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करता है। प्रभु को लाल बूंदी मंगलवार के दिन और पीली बूंदी शनिवार के दिन चढ़ानी चाहिए।

केले का भोग

केला एक सात्विक और शुद्ध फल माना जाता है, जिसे हनुमान जी को अर्पित करना बहुत शुभ होता है। भक्त पूजा के समय केले चढ़ाते हैं और बाद में इसे प्रसाद के रूप में बांटते हैं। यह सरल और आसानी से उपलब्ध भोग है, जिसे हनुमान जी को बहुत प्रिय माना गया है।

गुड़ और चना

गुड़ और चने का भोग भी बजरंगबली को अत्यंत प्रिय है। यह भोग ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि गुड़-चना अर्पित करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और शारीरिक व मानसिक बल में वृद्धि होती है।

मालपुआ और हलवा

विशेष अवसरों पर हनुमान जी को मालपुआ और हलवा भी अर्पित किया जाता है। यह भोग खासतौर पर त्योहारों और जन्मोत्सव के दिन बनाया जाता है। इसे समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है और इससे भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

चूरमा

चूरमा भी हनुमान जी को काफी अधिक प्रिय है। यह भोग खासकर उत्तर भारत के कई हिस्सों में लोकप्रिय है। सालासर बालाजी में प्रभु को इसका भोग लगाया जाता है। मीठे प्रसाद को अर्पित करने से जीवन में सुख-शांति और आनंद बना रहता है।

पान का भोग

हनुमान जी को मीठा पान भी अर्पित किया जाता है। कई मंदिरों में यह परंपरा आज भी निभाई जाती है। मान्यता है कि पान का भोग लगाने से हनुमान जी की कृपा जल्दी प्राप्त होती है और भक्तों के कार्य सफल होते हैं।

तुलसी युक्त प्रसाद

हनुमान जी को तुलसी बहुत प्रिय मानी जाती है, इसलिए उनके भोग में तुलसी के पत्तों का प्रयोग करना शुभ माना जाता है। बिना तुलसी के पत्ते के प्रभु कोई भी भोग स्वीकार्य नहीं करते हैं। माता सीता ने जब हनुमान जी को 56 भोग खिलाए थे, तब भी उनका पेट नहीं भरा था। इस पर प्रभु श्रीराम ने माता सीता से उन्हें तुलसी दल भोजन में देने को कहा। जब हनुमान जी को तुलसी माता सीता ने दिया तो उनकी भूख तुरंत शांत हो गई।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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