Gangaur Ke Dohe: गणगौर पर्व वैसे तो 17 से 18 दिनों तक चलता है लेकिन इस पर्व का अंतिम दिन ही सबसे मुख्य होता है। जिस दिन गणगौर का विसर्जन किया जाता है। इस साल गणगौर पूजा का अंतिम दिन 31 मार्च को है। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं गणगौर प्रतिमा की विधि विधान पूजा करने के बाद उसका विसर्जन करेंगी। इस पूजन के समय कई तरह के दोहे बोले जाते हैं। यहां हम उन दोहों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं।
गणगौर के दोहे (Gangaur Ke Dohe)
गणगौर माता को पानी पिलाते समय दोहे के रूप में पति का नाम लिया जाता है। इन दोहो को बोलते समय आपको पिया जी के स्थान पर अपने पति का नाम लेना है।
(यहां जिस परिवार की बहूं हैं उस परिवार का नाम लें) जैसे चौधरी परिवार की बहू हूं मैं और (मधु) है मेरा नाम
पिया जी हैं मेरे पति परमेश्वर, जोधपुर ही है मेरे चारों धाम।
(अपना, अपने पति का और अपने शहर का नाम लें )
गणगौर को पानी पिलाने के दोहे
- एक दूनी दो, दो दूनी चार, पिया जी को हो गया मुझसे प्यार।
- खेत, खेत में क्यारी मैं अपने पिया जी की प्यारी।
- गोरा के मन में है, ईसर, राधा के मन में श्याम
- जो मेरे मन को भावे पिया जी है उनका नाम।
- किसी को वाइट पसंद है, किसी को लाइट पसंद है
- मुझे तो पिया जी की हाइट पसंद है।
- 32,000 की बग्गी मेरी, 40000 का घोड़ा
- पिया जी के लिए मैंने उज्जैन (जिस शहर से हैं आप उसका नाम लेना है) शहर छोड़ा।
गणगौर के दोहे यहां पढ़ें
- कटोरे में कटोरा, कटोरे में घेवर
- पिया जी मेरी भाभी के देवर।
- लाल मिर्च खाते नहीं, हरी मिर्च लाते नहीं
- पिया जी मुझे लिए बगैर कहीं जाते नहीं।
- बगीचे में क्यारी, क्यारी में पानी,
- पिया जी मेरे राजा, मैं पिया जी की रानी।
- सोने के कड़े में हीरे जड़े
- पीछे पलट के देखा तो पिया जी खड़े।
- इमली खाऊ, खट्टी -मीठी और मैं खाऊं बोर
- पिया जी है ईसर मेरे,मैं उनकी गणगौर।
- गागर में सागर, सागर में पानी
- पिया जी नहीं घर पर ,तो नींद कैसे आनी।
- आपकी मुस्कुराहट ने ऐसा अटैक किया
- पिया जी आपको सिलेक्ट किया,बाकी सब को रिजेक्ट किया
- मस्तक पर तिलक, गले में हार है
- मुझे पिया जी से पिया जी को मुझसे प्यार है।
- वह है दीपक मैं उनकी बाती
- हर जन्म में हो पिया जी मेरे जीवन साथी।
- कमरे में अलमारी ,अलमारी में नोटों की थप्पी
- पिया जी ने चुपके से ले ली मेरी पप्पी।
गणगौर के पिया जी के लिए दोहे
- 1234567 पिया जी है मेरे heaven
- चप्पल पहनु बाटा ,साड़ी पहनु कोटा
- पिया जी जाए बाहर, तो मैं करूं टाटा।
- फागुन का महीना और गुलाबी रंग
- पिया जी का और मेरा जीवन भर का संग।
- मीरा ने पीया विष का प्याला, राधा ने श्याम को मदहोश कर डाला
- गौरी ने पहनाई शिव को माला, गणगौर पूजा से मुझे मिला
- पियाजी जैसा दिलवाला।
गणगौर माता के दोहे (Gangaur Mata ke Dohe)
जात है गुजरात है, गुजरात का बाणया खाटा खूटी ताणया
गिण मिण सोला, सात कचोला इसर गोरा
गेहूं ग्यारा, म्हारो भाई ऐमल्यो खेमल्यो, लाडू ल्यो ,
पेडा ल्यो जोड़ जवार ल्यो, हरी हरी दुब ल्यो, गोर माता पूज ल्यो
(नोट- गणगौर के ये दोहे gkexams.com से लिये गये हैं)
गणगौर के इन दोहों के बिना परिवार अधूरा सा लगता है। महिलाएं एक साथ मिलकर गणगौर की पूजा करती हैं और इन दोहों को मजेदार तरीके से कहती हैं।
