अध्यात्म

Gangaur Ke Dohe In Hindi: गणगौर को पानी पिलाने के दोहे

Gangaur Ke Dohe: चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि गणगौर पर्व का आखिरी दिन होता है। इस दिन महिलाएं गण यानी भगवान शिव और गौर मतलब माता पार्वती की विधि विधान पूजा करती हैं। इस पूजन में गणगौर माता को पानी पिलाते समय दोहे बोले जाते हैं। यहां देखें गणगौर पूजा के दोहे।

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Gangaur Ke Dohe

Gangaur Ke Dohe: गणगौर पर्व वैसे तो 17 से 18 दिनों तक चलता है लेकिन इस पर्व का अंतिम दिन ही सबसे मुख्य होता है। जिस दिन गणगौर का विसर्जन किया जाता है। इस साल गणगौर पूजा का अंतिम दिन 31 मार्च को है। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं गणगौर प्रतिमा की विधि विधान पूजा करने के बाद उसका विसर्जन करेंगी। इस पूजन के समय कई तरह के दोहे बोले जाते हैं। यहां हम उन दोहों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं।

गणगौर के दोहे (Gangaur Ke Dohe)

गणगौर माता को पानी पिलाते समय दोहे के रूप में पति का नाम लिया जाता है। इन दोहो को बोलते समय आपको पिया जी के स्थान पर अपने पति का नाम लेना है।

(यहां जिस परिवार की बहूं हैं उस परिवार का नाम लें) जैसे चौधरी परिवार की बहू हूं मैं और (मधु) है मेरा नाम

पिया जी हैं मेरे पति परमेश्वर, जोधपुर ही है मेरे चारों धाम।

(अपना, अपने पति का और अपने शहर का नाम लें )

गणगौर को पानी पिलाने के दोहे

  • एक दूनी दो, दो दूनी चार, पिया जी को हो गया मुझसे प्यार।
  • खेत, खेत में क्यारी मैं अपने पिया जी की प्यारी।
  • गोरा के मन में है, ईसर, राधा के मन में श्याम
  • जो मेरे मन को भावे पिया जी है उनका नाम।
  • किसी को वाइट पसंद है, किसी को लाइट पसंद है
  • मुझे तो पिया जी की हाइट पसंद है।
  • 32,000 की बग्गी मेरी, 40000 का घोड़ा
  • पिया जी के लिए मैंने उज्जैन (जिस शहर से हैं आप उसका नाम लेना है) शहर छोड़ा।

गणगौर के दोहे यहां पढ़ें

  • कटोरे में कटोरा, कटोरे में घेवर
  • पिया जी मेरी भाभी के देवर।
  • लाल मिर्च खाते नहीं, हरी मिर्च लाते नहीं
  • पिया जी मुझे लिए बगैर कहीं जाते नहीं।
  • बगीचे में क्यारी, क्यारी में पानी,
  • पिया जी मेरे राजा, मैं पिया जी की रानी।
  • सोने के कड़े में हीरे जड़े
  • पीछे पलट के देखा तो पिया जी खड़े।
  • इमली खाऊ, खट्टी -मीठी और मैं खाऊं बोर
  • पिया जी है ईसर मेरे,मैं उनकी गणगौर।
  • गागर में सागर, सागर में पानी
  • पिया जी नहीं घर पर ,तो नींद कैसे आनी।
  • आपकी मुस्कुराहट ने ऐसा अटैक किया
  • पिया जी आपको सिलेक्ट किया,बाकी सब को रिजेक्ट किया
  • मस्तक पर तिलक, गले में हार है
  • मुझे पिया जी से पिया जी को मुझसे प्यार है।
  • वह है दीपक मैं उनकी बाती
  • हर जन्म में हो पिया जी मेरे जीवन साथी।
  • कमरे में अलमारी ,अलमारी में नोटों की थप्पी
  • पिया जी ने चुपके से ले ली मेरी पप्पी।

गणगौर के पिया जी के लिए दोहे

  • 1234567 पिया जी है मेरे heaven
  • चप्पल पहनु बाटा ,साड़ी पहनु कोटा
  • पिया जी जाए बाहर, तो मैं करूं टाटा।
  • फागुन का महीना और गुलाबी रंग
  • पिया जी का और मेरा जीवन भर का संग।
  • मीरा ने पीया विष का प्याला, राधा ने श्याम को मदहोश कर डाला
  • गौरी ने पहनाई शिव को माला, गणगौर पूजा से मुझे मिला
  • पियाजी जैसा दिलवाला।
(इसमें पिया जी की जगह अपने पति का नाम लेना है)

गणगौर माता के दोहे (Gangaur Mata ke Dohe)

जात है गुजरात है, गुजरात का बाणया खाटा खूटी ताणया

गिण मिण सोला, सात कचोला इसर गोरा

गेहूं ग्यारा, म्हारो भाई ऐमल्यो खेमल्यो, लाडू ल्यो ,

पेडा ल्यो जोड़ जवार ल्यो, हरी हरी दुब ल्यो, गोर माता पूज ल्यो

(नोट- गणगौर के ये दोहे gkexams.com से लिये गये हैं)

गणगौर के इन दोहों के बिना परिवार अधूरा सा लगता है। महिलाएं एक साथ मिलकर गणगौर की पूजा करती हैं और इन दोहों को मजेदार तरीके से कहती हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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