हर वर्ष सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए तो वहीं कुंवारी लड़कियां मनचाहा वर प्राप्त करने के लिए गणगौर का व्रत करती हैं। ये व्रत मुख्य रूप से राजस्थान में मनाया जाता है। इस पर्व की शुरुआत होली से ही हो जाती है और चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया को इसकी समाप्ति होती है। लेकिन इस पर्व का आखिरी दिन ही सबसे महत्वपूर्ण होता है जिस दिन इस त्योहार का समापन हो जाता है। इस साल गणगौर पूजा 11 अप्रैल को की जाएगी। इस शुभ अवसर पर आप देखेंगे गणगौर की फोटो।
गणगौर व्रत को कई जगहों पर गौरी तीज या सौभाग्य तीज के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत मां पार्वती को समर्पित है। मान्यता है जो महिलाएं सच्चे मन से गणगौर व्रत रखती हैं उनके वैवाहिक जीवन में सदैव खुशियां बनी रहती हैं। Gangaur Ke Geet
वैसे तो गणगौर पर्व 18 दिनों तक चलता है लेकिन जानकारी के लिए बता दें कि गणगौर पूजा का सबसे ज्यादा महत्व आखिरी दिन की पूजा का माना गया है।
हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर व्रत पूजन किया जाता है। इस पूजन में महिलाएं गणगौर की प्रतिमा बनाकर उसकी पूजा करती हैं। जो महिलाएं गणगौर की प्रतिमा नहीं बता पाती हैं वे बाजार से बनी बनाई प्रतिमाएं या फोटो लाकर उसकी पूजा करती हैं।

gangaur puja 2024

gangaur images hd
गणगौर व्रत वाले दिन महिलाएं पवित्र नदियों और तालाबों में जाकर गणगौर को पानी पिलाती हैं और तृतीया तिथि के दिन उनका विसर्जन कर दिया जाता है।

gangaur puja photo

Gangaur Puja images hd
गणगौर शब्द असल में दो शब्दों से मिलकर बना है जिसमें गण का मतलब भगवान शिव से है और यहां गौर शब्द माता पार्वती के लिए इस्तेमाल किया गया है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट हो जाता है कि ये पर्व माता पार्वती और भगवान शिव को समर्पित है।

Gangaur Photo In hd
इस साल गणगौर पर्व का समापन 11 अप्रैल को हो रहा है। इस दिन महिलाएं गणगौर का विसर्जन करती हैं और अगले साल फिर से उनके आगमन की प्रार्थना करती हैं।
