Ganesh ji ke mantra, shloka in Hindi (गणेश जी के मंत्र, गणपति स्थापना मंत्र हिंदी में, गणपति स्तुति मंत्र): गणपति बप्पा की पूजा में उनके मंत्रों का सही उच्चारण अत्यंत आवश्यक माना जाता है। साथ ही, इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि किस अवसर पर कौन-सा मंत्र या श्लोक बोला जाए। उदाहरण के लिए – गणेश वंदना के समय अलग मंत्र, गणेश जी को जल अर्पित करते समय अलग मंत्र और ध्यान के समय विशेष श्लोकों का प्रयोग करना चाहिए। यहां जानिए कि गणेश जी की आराधना के प्रत्येक चरण में कौन-सा मंत्र या स्तुति सर्वोत्तम मानी जाती है। जानें गणेश पूजन में किस मौके पर कौन सा मंत्र या श्लोक बोलना चाहिए।
Ganesh ji ke mantra, shloka in Hindi
गणेश बीज मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः॥
यह सबसे प्रसिद्ध और सरल मंत्र है। हर शुभ कार्य से पहले इसे जरूर जपें।
गणपति स्थापना मंत्र
"ॐ गणाधिपतये नमः।
ॐ सिद्धिविनायकाय नमः।
ॐ विघ्नराजाय नमः।
ॐ गणपतये नमः।
ॐ एकदन्ताय नमः।
ॐ गजमुखाय नमः।
गणेश मूल मंत्र
ॐ एकदंताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि। तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्॥
यह मंत्र गायत्री छंद में है। इस मंत्र को ध्यान और आराधना के लिए श्रेष्ठ माना गया है।
विघ्नहर्ता मंत्र
वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
हर कार्य के आरंभ में इसे बोलना चाहिए। गणपति वंदना के लिए भी यह श्लोक बोला जाता है।
गणेश ध्यान श्लोक
शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम्।
प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये॥
इसे किसी भी पूजा की शुरुआत में जपा जाता है।
गणेश कवच
गजाननं यः स्मरेन्नित्यं आयुः कामार्थसिद्धये।
विघ्नं न तस्य जायेत कुत्रचिद्भुवि कर्हिचित्॥
गणेश स्तुति (अथर्वशीर्ष का श्लोक)
त्वमेव प्रत्यक्षं तत्त्वमसि।
त्वमेव केवलं कर्ताऽसि।
त्वमेव केवलं धर्ताऽसि।
त्वमेव केवलं हर्ताऽसि॥
सिद्धिविनायक मंत्र
ॐ सिद्धिविनायकाय नमः॥
यह जप सभी कार्यों में सिद्धि दिलाता है।
संकटनाशन गणेश स्तोत्र
प्रणम्य शिरसा देवम् गौरीपुत्रं विनायकम्।
भक्तावासं स्मरेन्नित्यं आयुःकामार्थसिद्धये॥
यह इस स्तोत्र की आरंभ की पंक्तियां हैं। सही तरह जपने पर ये शुभ फल देती हैं।
गणेश जी को जल चढ़ाते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए
ॐ भूर्भुवः स्वः गणेशाम्बिकाभ्यां नमः, पयः स्नानं समर्पयामि
यह मंत्र भगवान गणेश और उनकी पत्नी (अंबिका) को जल चढ़ाने के लिए है।
