अध्यात्म

Ganesh Sthapana Mantra In Hindi: गणेश चतुर्थी पर गणपति बप्पा के इन मंत्रों का करें जाप, हर कामना होगी पूरी

Ganesh Chaturthi 2024 Puja Mantra Shlok In Sanskrit And Hindi: गणेश चतुर्थी के दिन गणपति बप्पा की विशेष कृपा पाने चाहते हैं तो उनके मंत्रों का जाप जरूर करें। यहां देखें गणेश चतुर्थी पूजा मंत्र और श्लोक।

Image

Ganesh Chaturthi 2024 Puja Mantra Shlok

Ganesh Chaturthi 2024 Puja Mantra Shlok: गणेश चतुर्थी का दिन गणेश जी की अराधना के लिए सबसे खास माना जाता है। कहते हैं इस दिन जो भक्त सच्चे मन से गणपति बप्पा की अराधना करता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। इस साल गणेश चतुर्थी 7 सितंबर को मनाई जा रही है। ऐसे में इस शुभ दिन पर गणेश जी की विशेष कृपा पाने के लिए उनके मंत्रों और श्लोकों का जाप जरूर करें। यहां देखें गणेश चतुर्थी के मंत्र और श्लोक इन संस्कृत और हिंदी।

गणेश चतुर्थी पूजा मंत्र (Ganesh Chaturthi Mantra)

-ॐ वक्रतुण्ड़ महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ।

निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा।।

- ॐ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्।

- श्री गणेश बीज मंत्र ॐ गं गणपतये नमः ।।

-गणानां त्वा गणपतिं हवामहे प्रियाणां त्वा प्रियपतिं हवामहे |

निधीनां त्वा निधिपतिं हवामहे वसो मम आहमजानि गर्भधमा त्वमजासि गर्भधम् ||

-ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतये

वर्वर्द सर्वजन्म में वषमान्य नमः॥

गणेश चतुर्थी श्लोक (Ganesh Chaturthi Shlok)

-एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

महाकर्णाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

श्री वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा॥

-मायातीताय भक्तानां कामपूराय ते नमः।

सोमसूर्याग्निनेत्राय नमो विश्वम्भराय ते॥”

गणेश जी के संस्कृत श्लोक (Ganesh Shlok)

-एकदंताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात्।

अर्थ- एक दांत जिसे हम जानते हैं। हम वक्रतुण्ड का ध्यान करते हैं। वह दंती हमें प्रेरणा दे।

-लम्बोदराय वै तुभ्यं सर्वोदरगताय च।

अमायिने च मायाया आधाराय नमो नमः॥

अर्थ- हे लंबोदर (मोटा लड़का) वन्दे, जो सभी पेटों में निवास करता है,और माया का कोई आधार न होते हुए भी मैं आपको नमस्कार करता हूँ।

-अमेयाय च हेरम्ब परशुधारकाय ते ।

मूषक वाहनायैव विश्वेशाय नमो नमः।।

अर्थ- हे हेरम्ब ! तुम्हें किसी भी प्रमाण से सिद्ध नहीं किया जा सकता, तुम कुल्हाड़ी के वाहक हो, तुम्हारा वाहन चूहा है। विश्वेश्वर, आपको मेरा बार-बार नमस्कार है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article