Ganesh Aarti (Jai Ganesh Jai Ganesh Deva Aarti Lyrics): हिंदू धर्म में किसी भी पूजा की शुरुआत गणेश जी की अराधना के साथ की जाती है। क्योंकि भगवान गणेश प्रथम पूज्य देवता माने गए हैं। कोई भी पूजा इनके बिना अधूरी मानी जाती है। लोग हर पूजा-पाठ में इनकी आरती जरूर करते हैं। कहते हैं जो व्यक्ति सच्चे मन से गणपति जी की आरती (Ganpati Ji Ki Aarti) करता है उसके किसी काम में बाधा नहीं आती। ऐसे में सावन महीने (Sawan 2023) में भगवान शिव की आरती (Shiv Ji Ki Aarti) से पहले गणेश जी की आरती (Ganesh Ji Ki Aarti) जरूर करें। यहां देखें जय गणेश जय गणेश देवा आरती के लिरिक्स।
गणेश जी की आरती लिरिक्स (Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi)
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
एक दंत दयावंत,
चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे,
मूसे की सवारी ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
पान चढ़े फल चढ़े,
और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे,
संत करें सेवा ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
अंधन को आंख देत,
कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत,
निर्धन को माया ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
'सूर' श्याम शरण आए,
सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
दीनन की लाज रखो,
शंभु सुतकारी ।
कामना को पूर्ण करो,
जाऊं बलिहारी ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
सावन महीना महादेव की आराधना के लिए खास माना जाता है। कहते हैं जो व्यक्ति इस माह सच्चे दिल से भगवान की भक्ति करता है उसके जीवन का सारा दुख दूर हो जाता है। इस महीने शुभ फल प्राप्त करने के लिए भगवान शिव के साथ गणेश जी की आरती करना बिल्कुल भी न भूलें।
