अध्यात्म

Shiv Aarti Lyrics In Hindi: भगवान शिव की आरती, ओम जय शिव ओंकारा, पढ़ें पूरे लिरिक्स

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Jul 4, 2023, 09:41 AM IST

Shiv Aarti Lyrics In Hindi, (Jai Shiv Omkara Aarti): कहते हैं सच्चे दिल से भगवान शिव की आरती करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। शिव जी की आरती बेहद शुभ फलदायी मानी जाती है। ऐसे में सावन में जरूर करें शिव जी की आरती ओम जय शिव ओंकारा।

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Shiv Aarti, Om Jai Shiv Omkara Lyrics In Hindi

Shiv Aarti (Jai Shiv Omkara Lyrics): सावन महीने (Sawan 2023) का 4 जुलाई से शुभारंभ हो गया है। ये महीना देवों के देव महादेव को समर्पित है। कहते हैं श्रावण मास भगवान शिव का बेहद प्रिय माना जाता है। इसलिए इस दौरान की गई पूजा का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। सावन में शिव भक्त शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं। इस पूरे महीने शिव शंकर की पूजा के बाद भगवान की आरती जरूर की जाती है। यहां देखें शिव जी की आरती (Shiv Ki Ki Aarti) ओम जय शिव ओंकारा के लिरिक्स हिंदी में (Om Jai Shiv Omkara Lyrics In Hindi)।

शिव जी की आरती (Shiv Ji Ki Aarti, Jai Shiv Omkara Lyrics)

जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।

ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव...॥

एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।

हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव...॥

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।

त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव...॥

अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।

चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव...॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।

सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव...॥

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।

जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव...॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।

प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव...॥

काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।

नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव...॥

त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।

कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव...॥

सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की पूजा के लिए खास माना जाता है। ऐसे में इस दौरान महादेव की पूजा के बाद उनकी आरती जरूर करें। क्योंकि इस आरती को करके शिव शंकर जी की पूजा पूरी हो जाती है और उससे मिलने वाला फल कई गुना ज्यादा मिलता है।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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