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February Pradosh Vrat 2025: फरवरी में प्रदोष व्रत कब है, नोट कर लें तारीख और मुहूर्त

February Pradosh Vrat 2025: प्रदोष व्रत को त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि ये व्रत हर महीने की त्रयोदशी तारीख को पड़ता है। चलिए जानते हैं फरवरी में प्रदोष व्रत कब है।

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February Pradosh Vrat 2025

February Pradosh Vrat 2025: प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस व्रत को रखने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। एक महीने में दो प्रदोष व्रत पड़ते हैं। इस तरह से पूरे साल में 24 या 25 प्रदोष व्रत होते हैं। इस व्रत की पूजा के लिए प्रदोष काल समय सबसे शुभ माना जाता है। व्रत में अन्न का सेवन नहीं किया जाता। चलिए बताते हैं फरवरी में प्रदोष व्रत कब-कब पड़ रहे हैं।

फरवरी 2025 में प्रदोष व्रत कब-कब है (February Pradosh Vrat Date 2025)

फरवरी का पहला प्रदोष व्रत 9 तारीख को पड़ेगा और ये रवि प्रदोष व्रत होगा। तो वहीं दूसरा प्रदोष व्रत 25 तारीख को पड़ेगा और ये भौम प्रदोष व्रत होगा।

9 फरवरी 2025 प्रदोष व्रत मुहूर्त (9 Febraury 2025 Pradosh Vrat Muhurat)

9 फरवरी को प्रदोष व्रत पूजा का मुहूर्त शाम 7 बजकर 52 मिनट से रात 8 बजकर 52 मिनट तक रहेगा।

25 फरवरी 2025 प्रदोष व्रत मुहूर्त (25 February 2025 Pradosh Vrat Muhurat)

25 फरवरी को प्रदोष व्रत पूजा का मुहूर्त शाम 6 बजककर 18 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 49 मिनट तक रहेगा।

प्रदोष व्रत पूजा विधि (Pradosh Vrat Puja Vidhi)

प्रदोष व्रत वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर व्रत का संकल्प लें और इस समय विधि विधान भगवान शिव की पूजा करें। फिर शाम की पूजा से पहले फिर से स्नान करें। इसके बाद घर के मंदिर में घी का दीपक लगाएं। शिव जी को बेलपत्र, भांग, धतुरा इत्यादि चीजें अर्पित करें। प्रदोष व्रत की कथा सुनें। अंत में आरती करके पूजा संपन्न करें। ये व्रत फलाहारी भोजन ग्रहण करके रखा जाता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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