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Ekadashi February 2025 Date: फरवरी में एकादशी कब है, नोट कर लें सही तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि

Ekadashi February 2025 Date: फरवरी में विजया एकादशी मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस एकादशी का व्रत रखने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।

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Vijaya Ekadashi 2025 Date

Ekadashi February 2025 Date: हिंदू पंचांग अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी मनाई जाती है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु की विधि विधान पूजा की जाती है। इस एकादशी का संबंध रामायण काल से भी है। ऐसा कहा जाता है कि स्वयं मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने लंकापति रावण पर विजय प्राप्त करने के लिए विजया एकादशी का व्रत किया था जिसके परिणामस्वरूप, उन्हें विजय की प्राप्ति हुई। जानिए फरवरी में विजया एकादशी कब मनाई जाएगी।

विजया एकादशी कब है 2025 (Vijaya Ekadashi 2025 Date And Time)

विजया एकादशी 202524 फरवरी 2025, सोमवार
विजया एकादशी पारण समय 202506:50 AM से 09:08 AM (25 फरवरी 2025)
पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय12:47
एकादशी तिथि प्रारम्भफरवरी 23, 2025 को 01:55 PM बजे
एकादशी तिथि समाप्तफरवरी 24, 2025 को 01:44 PM बजे

विजया एकादशी व्रत के लाभ (Vijaya Ekadashi Vrat Ke Fayde)

  • कार्यों में मिलती है सफलता
  • पापों का होना है नाश
  • पुण्य में होती है वृद्धि
  • सकारात्मक ऊर्जा का होता है संचार
  • मिलती है मानसिक शांति

विजया एकादशी का महत्व (Vijaya Ekadashi Ka Mahatva)

धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से विजया एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह व्रत उन लोगों के लिए फलदायी रहता है जो व्यक्ति चारों तरफ से शत्रुओं से घिरा हो या फिर जीवन में मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर रहा हो क्योंकि ये व्रत कठिन से कठिन हालातों से आपको निजात दिलाने की क्षमता रखता है। अगर इस व्रत को विधि-विधान से किया जाता है, तो यह हर कार्य में सफलता दिला सकता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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