Shri Ram Aarti: इस साल दशहरा का पर्व 24 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस दिन लोग रावण दहन करते हैं। रावण दहन से पहले दशहरा की विधि विधान पूजा की जाती है। पूजा में रावण के साथ-साथ भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की प्रतिमा बनाई जाती हैं। फिर इनकी पूजाा की जाती है। पूजा के समय भगवान श्री राम की आरती और मंत्रों का जाप जरूर किया जाता है। यहां देखें श्री राम की आरती और मंत्र (Ram Ji Ki Aarti)।
Ram Ji Ki Aarti (श्री राम जी की आरती)
आरती कीजै रामचन्द्र जी की।
हरि-हरि दुष्टदलन सीतापति जी की॥
पहली आरती पुष्पन की माला।
काली नाग नाथ लाये गोपाला॥
दूसरी आरती देवकी नन्दन।
भक्त उबारन कंस निकन्दन॥
तीसरी आरती त्रिभुवन मोहे।
रत्न सिंहासन सीता रामजी सोहे॥
चौथी आरती चहुं युग पूजा।
देव निरंजन स्वामी और न दूजा॥
पांचवीं आरती राम को भावे।
रामजी का यश नामदेव जी गावें॥
Raghuvar Shri Ramchandra Ji (रघुवर श्री रामचन्द्र जी आरती )
आरती कीजै श्री रघुवर जी की,
सत चित आनन्द शिव सुन्दर की॥
दशरथ तनय कौशल्या नन्दन,
सुर मुनि रक्षक दैत्य निकन्दन॥
अनुगत भक्त भक्त उर चन्दन,
मर्यादा पुरुषोत्तम वर की॥
निर्गुण सगुण अनूप रूप निधि,
सकल लोक वन्दित विभिन्न विधि॥
हरण शोक-भय दायक नव निधि,
माया रहित दिव्य नर वर की॥
जानकी पति सुर अधिपति जगपति,
अखिल लोक पालक त्रिलोक गति॥
विश्व वन्द्य अवन्ह अमित गति,
एक मात्र गति सचराचर की॥
शरणागत वत्सल व्रतधारी,
भक्त कल्प तरुवर असुरारी॥
नाम लेत जग पावनकारी,
वानर सखा दीन दुख हर की॥
Ram Ji Ke Mantra (राम जी के मंत्र)
- ॐ राम ॐ राम ॐ राम ह्रीं राम ह्रीं राम श्रीं राम श्रीं राम - क्लीं राम क्लीं राम। फ़ट् राम फ़ट् रामाय नमः
- श्री रामचन्द्राय नमः
- ॐ रामभद्राय नमः
- ॐ दाशरथये विद्महे, सीता वल्लभाय धीमहि, तन्नो रामा: प्रचोदयात्.
