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Dhanteras 2022: धनतेरस पर क्या खरीदें और क्या नहीं? क्या रहेगा खरीदारी का शुभ मुहूर्त

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 6, 2022, 03:01 PM IST

Shopping Time On Dhanteras 2022: धनतेरस पर मुख्य रूप से खरीदारी की जाती है। इस दिन सोने, चांदी और पीतल की वस्तुओं को खरीदना बेहद शुभ माना जाता है।

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धनतेरस का पर्व इस बार 23 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

KEY HIGHLIGHTS
  • इस दिन नई चीजें जैसे सोना, चाँदी, पीतल, खरीदना शुभ माना जाता है।
  • धनतेरस का त्योहार कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है।
  • इस साल ये त्योहार 23 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

Dhanteras 2022 Date And Muhurat: धनतेरस का त्योहार कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और धन्वंतरि देव की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस दिन धन्वंतरि देव समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इन्हें आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का जनक भी कहा जाता है। धन्वंतरि देव जब प्रकट हुए थे तो उनके हाथ में अमृत से भरा कलश था। जिस वजह से धन तेरस के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है। इस पर्व से ही दीपावली की शुरुआत हो जाती है। इस साल ये त्योहार 23 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

धनतरेस पर क्या खरीदना चाहिए? इस दिन नई चीजें जैसे सोना, चाँदी, पीतल, खरीदना शुभ माना जाता है। इसके अलावा इस दिन धनिया और झाड़ू खरीदना भी बेहद शुभ माना गया है।

धनतेरस पर क्या नहीं खरीदना चाहिए? धनतेरस के दिन काले या गहरे रंग की चीज़ें, चीनी मिट्टी से बने सामान, कांच, एल्युमीनियम और लोहे से बनी चीजें नहीं खरीदनी चाहिए।

धनतेरस के दिन क्यों खरीदी जाती है झाड़ू? इस दिन झाड़ू खरीदने के पीछे ये मान्यता है कि इससे घर में माँ लक्ष्मी का आगमन होता है। साथ ही घर से नकारात्मकता दूर चली जाती है। साथ ही मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

धनतेरस की पूजा विधि क्या है? धनतेरस के दिन धन्वंतरि देव की षोडशोपचार पूजा करनी चाहिए। इसके बाद शाम को मुख्य द्वार में दीप जलाये जाते हैं। इस दिन शाम के समय यम देवता के नाम का भी दीपक जलाने की परंपरा है।

धनतेरस 2022 मुहूर्त (Dhanteras 2022 Muhurat)

धनतेरस मुहूर्त: शाम 5 बजकर 44 मिनट से शाम 6 बजकर 5 मिनट तक।

प्रदोष काल: शाम 5 बजकर 44 मिनट से रात 8 बजकर 16 मिनट तक।

वृषभ काल: शाम 6 बजकर 58 मिनट से रात 8 बजकर 54 मिनट तक।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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