Swapna Shastra: दिवा स्वप्न को हर व्यक्ति के जीवन की आधार शक्ति कहना गलत न होगा। जो खुली आंखाें से देखे जाते हैं वो ही कहलाते हैं दिवास्वप्न। हां बेशक बहुत बार इन सपनों को दोपहर के वक्त देखते− देखते हम गहरी नींद चले जाते हैं। उस वक्त भी मन दिवा स्वप्न ही देख रहा होता है। मानव मन जब एकांत में होता है तो दिवा स्वप्न तेजी से बदलते रहते हैं, जो कार्य वह प्रत्यक्ष नहीं कर सकता वह दिवा स्वप्न में कर लेता है। उसकी चेतना अचेतन की कल्पनाएं दिवा स्वप्न के रूप में प्रकट करती हैं। उसकी अतृप्ति को तृप्ति में बदलती हैं। इससे मानव मन को संतोष मिलता है।
हर आयु का अलग होता है दिवा स्वप्न
मानव प्रत्येक आयु में अपने दिवा स्वप्न रचता है। बालकों के दिवा स्वप्न काल्पनिक होते हैं। वह हवा में सैर करता है। दुश्मनों से लड़ता है और मनमर्जी के काम करता है। उसे रोकने वाला कोइ नहीं होता। किशाेरावस्था के स्वप्न उमंग भरे होते हैं। यह स्वप्न इतने साहसी होते हैं कि किसी भी समय कुछ भी कर सकते हैं। इनकी अपनी रचना होती है। इन स्वप्नों में अच्छे बुरे का ज्ञान नहीं होता और अपने दिवा स्वप्न को पूरा करने के लिए उतारु होते हैं। तेजी से निर्णय भी लेते हैं। इस अवस्था में दिवा स्वप्न यदि वश में होते हैं तो वह एक मात्र है प्रेम। प्रेम से किशोरावस्था और तरुणाइ को संयमित किया जा सकता है।
वयस्क अवस्था के दिवा स्वप्न चालाकी भरे होते हैं। इनकी रूपरेखा अलग प्रकार की होती है। ऐसे लोग दिवा स्वप्न का सारा खेल काम निकालने चतुरता के साथ खेलते हैं और जो चीज पाना चाहते हैं उसके लिए आपना सारा जोर लगा देते हैं। वयस्क के दिवा स्वप्न भविष्य की नींव भी रखते हैं।
प्रौढ़ावस्था क स्वप्न समझाैतावादी होते हैं। वे किसी पचड़े में फंसे बगैर अपने आपको एवं परिवार काे सुरक्षित रखने का प्रयास करते हैं। जीवन के सारे आनंद की अनुभूति का स्पर्श भी करते हैं। वृद्धावस्था के दिवा स्वप्न अनुभव की तराजू में बिखरे रहते हैं। संचय का बंटवारा करने के दिवास्वप्न में खेल खेलना जानते हैं। अपने लिए सतर्क रहते हैं और संबंधाें से अपना नाता भावुकता से नहीं करते।
अलौकिक क्षमताएं होती हैं दिवा स्वप्न की
दिवा स्वप्नों अलाैकिक क्षमताएं विचार को पुष्ट बनाती हैं। व्यक्ति इसमें रचनात्मक एवं अनुसंधानात्मक कार्य करने में भी सक्षम हो सकता है।
डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।
