Dasha Mata Ki Aarti (दशा माता की आरती): दशा माता का व्रत मुख्य रूप से शादीशुदा महिलाओं द्वारा रखा जाता है। इस दिन महिलाएं अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए दशा माता की विधि विधान पूजा करती हैं। इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा का भी विशेष महत्व माना गया है। इस दिन महिलाएं पीपल के वृक्ष की पूजा कर कच्चे सूत के धागे में 10 गांठ लगाकर अर्पित करती हैं। साथ ही पूजा के समय दशा माता की आरती भी जरूर की जाती है। यहां देखें दशा माता की आरती के लिरिक्स।
Dashama Ni Aarti Lyrics (दशामा आरती लिरिक्स)
आरती श्री दशा माता की।
जय सत-चित्त आनंद दाता की।
भय भंजनि अरु दशा सुधारिणी।
पाप -ताप-कलि कलुष विदारणी।
शुभ्र लोक में सदा विहारणी।
जय पालिनी दिन जनन की।
आरती श्री दशा माता की॥
अखिल विश्व- आनंद विधायिनी।
मंगलमयी सुमंगल दायिनी।
जय पावन प्रेम प्रदायिनी।
अमिय-राग-रस रंगरली की।
आरती श्री दशा माता की॥
नित्यानंद भयो आह्लादिनी।
आनंद घन आनंद प्रसाधिनी।
रसमयि रसमय मन- उन्मादिनी।
सरस कमलिनी विष्णुआली की।
आरती श्री दशा माता की॥
