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Chhath Puja Arghya Mantra (छठ पूजा अर्घ्य मंत्र) 2025: सूर्य देव को अर्घ्य देते समय करें इन मंत्रों का जाप, देखें छठ पूजा अर्घ्य मंत्र और सूर्य देव के 12 नाम

Chhath Puja Arghya Mantra (छठ पूजा अर्घ्य मंत्र) Strotam 2025, Usha Arghya Ke Samay Kaun Sa Mantra Bole: आज छठ पूजा का चौथा और आखिरी दिन यानी उषा अर्घ्य का समय है। आज के दिन सुबह-सुबह सूर्य देव की पूजा कर उन्हें अर्घ्य दिया जाता है। यहां से आप सूर्य अर्घ्य के मंत्र देखें।

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छठ पूजा अर्घ्य मंत्र (AI Generated)

Chhath Puja Arghya Mantra (छठ पूजा अर्घ्य मंत्र) 2025: छठ पूजा में सूर्य देव और छठी मइया की आराधना की जाती है। अर्घ्य देते समय मंत्र पढ़ना चाहिए। मंत्र भगवान से संवाद का माध्यम माना जाता है। अर्घ्य मंत्र पढ़ने से पूजा विधि संपूर्ण और शुद्ध होती है। मंत्र सूर्य देव की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने का साधन है। जब व्रती श्रद्धा से अर्घ्य मंत्र बोलता है, तो उसका मन एकाग्र और शांत हो जाता है। यहां से आप छठ पूजा के सूर्य अर्घ्य के मंत्र देख सकते हैं। इन मंत्रों को आप उषा अर्घ्य के समय जरूर बोलें।

सांझ अर्घ्य (प्रथम अर्घ्य) मंत्र

ॐ नमः सूर्याय आदित्याय!

शरणं मे भवं।

मेषादिराशीनां अधिपतये नमः।

नमो नमः!

प्रातः अर्घ्य (द्वितीय अर्घ्य) मंत्र

ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते।

अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर।।

सूर्य देव को अर्घ्य देने का मंत्र

  • ॐ आदित्याय नमः।
  • ॐ सूर्याय नमः।
  • ॐ भास्कराय नमः।
  • ॐ आदित्याय नमः।
  • ॐ ह्रीं सूर्याय नमः।

सूर्य उपासना मंत्र

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।

यह मंत्र अर्घ्य देते समय तीन बार जपना शुभ माना जाता है।

छठी मइया आराधना मंत्र

ॐ छठ मइया नमः।

ॐ पूरब दिशा की रानी, छठ मइया प्यारी।

संतान सुख दे मइया, अरघ लेहु हमारी॥

सूर्य स्तुति (वैदिक मंत्र)-

आ कृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यं च।

हिरण्ययेन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन्॥

सूर्य देव के 12 नाम-

  • ॐ सूर्याय नम:।
  • ॐ मित्राय नम:।
  • ॐ रवये नम:।
  • ॐ भानवे नम:।
  • ॐ खगाय नम:।
  • ॐ पूष्णे नम:।
  • ॐ हिरण्यगर्भाय नम:।
  • ॐ मारीचाय नम:।
  • ॐ आदित्याय नम:।
  • ॐ सावित्रे नम:।
  • ॐ अर्काय नम:।
  • ॐ भास्कराय नम:।

छठ पूजा अर्घ्य मंत्र का महत्व-

छठ पर्व में अर्घ्य देते समय मंत्रोच्चारण से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और भक्त को स्वास्थ्य, धन, संतान सुख और दीर्घायु का आशीर्वाद देते हैं। छठ व्रत अत्यंत कठोर माना गया है। अर्घ्य मंत्र का पाठ इस साधना की पूर्णता का प्रतीक है। यह व्रत और पूजा के सभी कर्मों को सफल बनाता है। मंत्रोच्चारण से मन एकाग्र होता है और नकारात्मक विचार दूर होते हैं। इससे व्रती की आत्मा और वाणी दोनों पवित्र होती हैं।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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