surya Dev Aarti Lyrics In Hindi: कार्तिक मास के षष्ठी और सप्तमी तिथि के दिन सूर्य देव की विधिवत पूजा का विधान है। बिना सूर्य को अर्घ्य दिए छठ पूजा को संपूर्ण नहीं माना जाता। छठ के तीसरे दिन महिलाएं डूबते सूर्य को अर्घ्य देती हैं, वहीं अगले दिन प्रात: सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी के दिन सूर्य देव के मंत्रों का जप करने व आरती करने से व्यक्ति को विशेष लाभ मिलता है। तथा उसके जीवन में आने वाले सभी कष्टों का निवारण होता है और विशेष फल की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार बिना आरती के पूजा को संपूर्ण नहीं माना जाता है। इसलिए भगवान सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद आरती करना ना भूलें।
सूर्य देव की आरती, Surya Dev Aarti Lyrics
ओम् जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।
धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान।।
सारथी अरुण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी। तुम चार भुजाधारी।।
अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटि किरण पसारे। तुम हो देव महान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान..।।
ऊषाकाल में जब तुम, उदयाचल आते। सब तब दर्शन पाते।।
फैलाते उजियारा, जागता तब जग सारा। करे सब तब गुणगान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान..।।
संध्या में भुवनेश्वर अस्ताचल जाते। गोधन तब घर आते।।
गोधूलि बेला में, हर घर हर आंगन में। हो तव महिमा गान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान..।।
देव-दनुज नर-नारी, ऋषि-मुनिवर भजते। आदित्य हृदय जपते।।
स्तोत्र ये मंगलकारी, इसकी है रचना न्यारी। दे नव जीवनदान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान..।।
तुम हो त्रिकाल रचयिता, तुम जग के आधार। महिमा तब अपरम्पार।।
प्राणों का सिंचन करके भक्तों को अपने देते। बल, बुद्धि और ज्ञान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान..।।
भूचर जलचर खेचर, सबके हों प्राण तुम्हीं। सब जीवों के प्राण तुम्हीं।।
वेद-पुराण बखाने, धर्म सभी तुम्हें माने। तुम ही सर्वशक्तिमान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान।।
पूजन करतीं दिशाएं, पूजे दश दिक्पाल। तुम भुवनों के प्रतिपाल।।
ऋतुएं तुम्हारी दासी, तुम शाश्वत अविनाशी। शुभकारी अंशुमान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान।।
ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।
जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।स्वरूपा।।
धरत सब ही तव ध्यान,
।।ॐ जय सूर्य भगवान।।
सूर्य देव की पूजा का महत्व
छठ पूजा का दिन छठी मइया और सूर्य देव को समर्पित है। मान्यता है कि, प्रात: अर्घ्य के बाद विधि विधान से सूर्य देव की पूजा अर्चना करने से व्यक्ति को विशेष फल की प्राप्ति होती है। वहीं कुछ राशियों के जातकों के लिए यह दिन बेहद खास होता है। ऐसे में इस दिन विधिवत सूर्यदेव की पूजा अर्चना के साथ मंत्रों का जप कर आरती करें।
