अध्यात्म

Chhath Puja usha Arghya Timing Today (28-OCT-25): छठ पूजा उषा अर्घ टाइमिंग, आज के सूर्योदय का समय, दिल्ली- एनसीआर में सूरज निकलने का टाइम

Chhath Puja usha Arghya Timing Today (28-OCT-25) छठ पूजा उषा अर्घ टाइमिंग, आज के सूर्योदय का समय, सूर्य कितने बजे तक निकलेगा: आज छठ का आखिरी दिन यानी उषा अर्घ्य का दिन है। आज के दिन सूर्योदय होते ही सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाता है। अगर आप दिल्ली में या दिल्ली के आसपास रहते हैं और सूर्योदय का समय सर्च कर रहे हैं तो आपको यहां से मदद मिलेगी।

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दिल्ली में आज सूर्योदय का समय (pic credit: canva)

Chhath Puja usha Arghya Timing Today (28-OCT-25): आज 28 अक्टूबर को छठ महापर्व का चौथा और आखिरी दिन है, जिसे उषा अर्घ्य कहा जाता है। आज सूर्य देव के उदय होने के समय उन्हें दूध या जल से अर्घ्य दिया जाता है। उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देना शुभ होता है और छठी मैया के आशीर्वाद से आपके जीवन में सुख और शांति आती है। अगर आप दिल्ली में रहते हैं और छठ कर रहे हैं तो यहां से आज के सूर्योदय का समय जान सकते हैं। वहीं, अगर आप दिल्ली के आसपास के इलाकों में भी हैं, तो भी यहां दिल्ली के आसपास के शहरों का सूर्योदय टाइम यानी सूरज निकलने का टाइम बताया गया है।

Delhi NCR Mein Aaj Suryoday Kitne Baje Hoga-

दिल्ली और आसपास के शहर के नामसूर्योदय का समय
दिल्ली6:30 AM
गुरूग्राम6:30 AM
नोएडा6:28 AM
गाजियाबाद6:28 AM
फरीदाबाद6:29 AM
सोनीपत6:31 AM
मेरठ6:28 AM
बिजनौर6:13 AM
मुजफ्फरनगर6:30 AM

छठ के उषा अर्घ्य के बाद क्या किया जाता है?

जब सूर्योदय हो जाता है और अर्घ्य दे दिया जाता है, तब व्रती सूर्य देव, छठी मइया और जल में खड़े होकर प्रणाम करती/करते हैं। परिवार के सभी सदस्य भी व्रती को प्रणाम करते हैं और आशीर्वाद लेते हैं। पूजा की कुछ सामग्री (जैसे फूल, फल, दीप आदि) को सावधानीपूर्वक जल में विसर्जित किया जाता है। बची हुई प्रसाद सामग्री को घर लाया जाता है। व्रती पहले गुड़ या शक्कर का शुद्ध पानी पीती हैं, इसके बाद थोड़ा ठेकुआ या प्रसाद खाया जाता है। यही “व्रत पारण” कहलाता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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