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Chhath Puja Samagri List: छठ पूजा में क्या-क्या सामान लगता है? देखें छठी पूजा सामग्री लिस्ट

Chhath Puja Samagri List 2025 छठ महा पर्व पर सामान की पूरी लिस्ट (संध्या अर्घ्य और उषा अर्ध्य पूजा का सामान): छठ पूजा में फल, फूल, खजूर, ठेकुआ, नारियल बांस की सूप, डालिया जैसे कई तरह के सामान की जरूरत पड़ती है। यहां से आप छठ पूजा के सामान की पूरी लिस्ट देख सकते हैं।

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छठ पूजा सामग्री लिस्ट (pic credit: Canva)

Chhath Puja Samagri List 2025 in Hindi (छठ पूजा सामग्री सूची): छठ महापर्व सूर्य देव और छठी मइया की आराधना का समय है। आज छठ पूजा का दूसरा दिन है और कल संध्या अर्घ्य दिया जाएगा। छठ की पूजा में कई तरह के सामान की जरूरत पड़ती है। तरह तरह के फल, फूल खरीदें जाते हैं और प्रसाद बनाए जाते हैं। इसके अलावा अर्घ्य देने और कोसी भरने के लिए भी अलग-अलग सामान की जरूरत होती है। यहां से आप छठ की पूजा में लगने वाले सारे सामान की लिस्ट देख सकते हैं और अपनी छठ की शॉपिंग पूरी कर सकते हैं।

छठ पूजा सामग्री लिस्ट (Chhath Puja Samagri List In Hindi)-

  • बांस का सूप
  • बांस की डालियां
  • कोसी
  • पितल या कांसे का लोटा
  • थाली
  • कलश
  • दीया
  • अगरबत्ती
  • धूप
  • कपूर
  • कपड़ा (लाल या पीला दुपट्टा)
  • चूल्हा (मिट्टी का या लोहे का)
  • आम की लकड़ी
  • गंगाजल
  • गन्ना
  • नारियल
  • सेब
  • केला
  • अमरूद
  • संतरा
  • नींबू
  • अनार
  • नाशपाती
  • नए धान का चावल
  • गेहूँ का आटा
  • गुड़
  • घी
  • दूध
  • केला के पत्ते
  • फूल
  • सिंदूर
  • हल्दी
  • चावल
  • रोली
  • कुमकुम
  • तेल
  • बत्ती
  • नया कपड़ा
  • आटा का दीपक
  • सोहारी
  • सुपारी
  • पान
  • इलायची
  • लौंग
  • धागा
  • मौली
  • कच्चा सूत

छठ पूजा कैसे मनाया जाता है? (Chhath Puja Vidhi)-

छठ पर्व का पहला दिन नहाय खाय के नाम से जाना जाता है। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं सुबह जल्दी उठकर घर की साफ-सफाई करती हैं और स्नान के बाद इस पर्व की शुरुआत करती हैं। छठ पर्व का दूसरा दिन खरना के नाम से जाना जाता है। खरना पूजा में दिन भर व्रत रहने के बाद व्रती रात को पूजा के बाद गुड़ से बनी खीर का सेवन करके 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू करती हैं। इस दिन मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी में आग जलाकर साठी के चावल और दूध और गुड़ की खीर बनाई जाती है। इसी दिन से 36 घंटों के कठिन व्रत की शुरुआत होती है। छठ पर्व के तीसरे दिन व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करती हैं। वहीं चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर छठ व्रत का समापन किया जाता है।

    Srishti
    सृष्टिauthor

    सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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