Chaturmas 2025: चातुर्मास को आत्मिक साधना का समय माना जाता है। चातुर्मास, आषाढ़ शुक्ल एकादशी से शुरू होकर कार्तिक शुक्ल एकादशी तक होता है। ये पवित्र चार महीने धार्मिक साधना, व्रत, दान और पूजन के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। इस दौरान अगर आप तुलसी के पौधे पर रोज दीपक जलाते हैं तो आपके जीवन के कई सारे कष्ट और तकलीफें दूर हो जाती हैं। चातुर्मास में दीपक जलाते हुए आपको बस कुछ खास बातों का ध्यान रखना है, जैसे दीपक हमेशा घी या तेल का ही जलाना चाहिए और दीपक का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। यहां हम आपको दीपक जलाने का खास फायदों और महत्व के बारे में भई बताएंगे।
पितृदोष और बृहस्पति दोष
जिसकी भी कुंडली में पितृदोष या गुरु दोष है उन्हें चातुर्मास में तुलसी पर दीपक जलाना चाहिए। इतना ही नहीं, जो लोग बार-बार बीमार पड़ जाते हैं उनके लिए तुलसी के सामने दीपक जलाना एक शक्तिशाली ज्योतिषीय उपाय है। इससे पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है।
लक्ष्मी की कृपा
चातुर्मास में तुलसी के समक्ष घी या तिल के तेल का दीपक जलाना, विष्णु और लक्ष्मी दोनों की कृपा पाने का सही तरीका है। तुलसी पर दीया जलाना कष्ट, दरिद्रता और क्लेश को दूर करके सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य का द्वार खोलता है।

benefits of lighting deepak near tulsi during chaturmas (Photo Source: Canva)
धन और स्वास्थ्य
तुलसी पर जलाया गया दीपक ग्रहों की अशुभता को शांत करता है, खासतौर से अगर दीपक गाय के घी से जलाया जाए। इससे बृहस्पति और शुक्र ग्रह मजबूत होते हैं, जो धन, विवाह, संतान और विद्या के लिए अनुकूलता लाते हैं। रोज दीया जलाने से आर्थिक उन्नति होती है और आरोग्य का लाभ मिलता है।
सकारात्मक ऊर्जा
तुलसी खुद ही एक पवित्र और ऊर्जावान पौधा है। जब तुलसी पर दीया जलाया जाता है, तो वो घर की नकारात्मकता, क्लेश और मानसिक अशांति को दूर कर देती है। घर में शांति और सकारात्मक ऊर्जा आती है।
