अध्यात्म

Shiv Mantra: सावन में हर सोमवार को करें भोलेनाथ के इन चमत्कारी मंत्रों का जाप, सफलता चूमेगी आपके कदम

Shiv Mantra: सावन आने वाला है और ये पूरा महीना भोलेनाथ के भक्तों के लिए खास है। इस महीने में भगवान शिव की पूजा की जाती है। वहीं, सावन के महीने में अगर आप भोलेनाथ के कुछ खास मंत्रों का जाप कर लेते हैं तो सुख, समृद्धि और सफलता के रास्ते आपके लिए खुल जाते हैं।

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shiva mantra to chant in sawan 2025

Shiv Mantra: भोलेनाथ के भक्त खुश हैं। सावन जो आ रहा है। कहते हैं भोलेबाबा की पूजा अगर सच्चे मन से और श्रद्धा से की जाए तो सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। खासतौर से सावन में बाबा की पूजा करने और जल चढ़ाने से अधिक लाभ मिलता है। अगर आप भी शिव के भक्त हैं तो आपको बाबा के उन मंत्रों के बारे में पता होना चाहिए, जो आपकी जिंदगी में कामयाबी के द्वार खोल सकता है।

पंचाक्षरी मंत्र

“ॐ नमः शिवाय” ये पंचाक्षरी शिव मंत्र है। ये मंत्र पांच अक्षरों का होने के कारण इसे पंचाक्षरी मंत्र कहते हैं। ॐ नमः शिवाय का अर्थ है भगवान शिव को नमस्कार।

रूद्र मंत्र

'ॐ नमो भगवते रुद्राये' इस मंत्र का मतलब है- मैं भगवान रुद्र अर्थात भगवान शिव को नमन करता हूं। उन्हें प्रणाम करता हूं।

महामृत्युंजय मंत्र

“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥” ये मृत्यु को जीतने वाला मंत्र माना जाता है। ये मंत्र भगवान शिव की स्तुति के लिए यजुर्वेद के रुद्र अध्याय में है। हमारे ऋषि मुनियों ने महामृत्युंजय मंत्र को वेद का हृदय कहा है।

रूद्र गायत्री मंत्र

'ॐ सर्वेश्वराय विद्महे, शूलहस्ताय धीमहि | तन्नो रूद्र प्रचोदयात् ||' इस मंत्र का अर्थ है हे सर्वेश्वर भगवान आपके हाथ में त्रिशूल है और मेरा जीवन विभिन्न कष्टों और परेशानियों में घिरा है। आप मुझे अपनी कृपा में लेकर मेरे कष्टों को दूर कीजिए, क्योंकि मैं आपकी शरण में हूं।

शिव गायत्री मंत्र

‘ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात।’ इस मंत्र का अर्थ है मैं आदर्श पुरुष भगवान महादेव के चरणों में प्रणाम करता हूं। हे प्रभु! आप मुझे बुद्धि दीजिए और ज्ञान के द्वारा मेरा मार्गदर्शन कीजिए।

शिव ध्यान मंत्र

'करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसंवापराधं ।

विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो ॥'

इसका मतलब है- हे परम दयालु भगवान महादेव, मुझे पापों के लिए क्षमा करें। मेरे हाथों, पैरों, शरीर और कार्यों के माध्यम से किए गए पापों के लिए मुझे क्षमा करें। जानबूझकर या अनजाने में मेरे कान, आंख और दिमाग के माध्यम से किए गए सभी पापों को क्षमा करें।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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