Chaitra Purnima Puja Samagri List: हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार चैत्र पूर्णिमा का दिन अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। यह तिथि न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आस्था बड़ा प्रतीक भी है। खास बात यह है कि इसी दिन को हनुमान जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, इसलिए इस पर्व का महत्व और बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन स्नान, दान और विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को ही चैत्र पूर्णिमा कहा जाता है। इसके अलावा इसे चैती पूनम के नाम से भी जाना जाता है।पूर्णिमा के दिन ही हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) का पर्व भी मनाया जाता है। 1 अप्रैल को पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो चुकी है वहीं इसका समापन 2 अप्रैल को होगा। धार्मिक मान्यातओं के मुताबिक, चैत्र पूर्णिमा पर विधिवत पूजन अर्चन, व्रत, स्नान और दान आदि करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। यहां देखें चैत्र पूर्णिमा की पूजा सामग्री, विधि, हवन सामग्री में इस्तेमाल होने वाली जरूरी सामग्री की लिस्ट से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी।
चैत्र पूर्णमा 2026 पूजा सामग्री लिस्ट - Chaitra Purnima Puja Samagri List
- सिंदूर
- चमेली का तेल
- कपास
- पीले या सुनहरे रंग के फूल या फिर माला
- पान के पत्ते
- गंगाजल
- लाल बूंदी या फिर बेसन के लड्डू
- धूपबत्ती या फिर अगरबत्ती
- पवित्र धागा (जनेऊ)
- तेल वाला दीया
- घास की गठरी
- इत्र
- कपूर
- 5 फल
- पूजा का नारियल
- 5 मिठाई
चैत्र पूर्णिमा की हवन सामग्री लिस्ट
- आम की लकड़ी (समिधा)
- गाय का शुद्ध घी
- हवन सामग्री (जड़ी-बूटियों का मिश्रण)
- कपूर
- गुड़
- तिल (काले/सफेद)
- जौ
- चावल (अक्षत)
- सूखे नारियल के टुकड़े (खोपरा)
- लौंग और इलायची
चैत्र पूर्णिमा 2026 का महत्व
चैत्र मास की पूर्णिमा को विशेष रूप से भगवान विष्णु, चंद्रदेव और हनुमान जी की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने और दान करने से कई गुना पुण्य फल की प्राप्ति होती है। चैत्र पूर्णिमा की तिथि एक दिन से शुरू होकर अगले दिन तक रह सकती है, लेकिन पूजा और व्रत के लिए चंद्रमा के उदय का विशेष महत्व होता है। इस दिन शाम के समय चंद्र दर्शन करके अर्घ्य देना अत्यंत शुभ माना जाता है। साथ ही, ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और पूजा की शुरुआत करना सबसे उत्तम होता है।
