अध्यात्म

Navratri Vrat Katha: चैत्र नवरात्रि के हर दिन जरूर पढ़ें ये कथा, माता रानी की खूब बरसेगी कृपा

Navratri Vrat Katha (श्री दुर्गा नवरात्रि व्रत कथा pdf): चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 30 मार्च से शुरू हो रहा है। यहां हम आपको माता रानी की एक ऐसी कथा के बारे में बताएंगे जो नवरात्रि के हर दिन की पूजा के समय जरूर पढ़नी चाहिए।

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Chaitra Navratri Katha In Hindi

Navratri Vrat Katha (श्री दुर्गा नवरात्रि व्रत कथा pdf): चैत्र नवरात्रि का त्योहार माता रानी के भक्तों के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु माता की विशेष कृपा पाने के लिए व्रत रखते हैं। कहते हैं जो भक्त सच्चे मन से नवरात्रि के व्रत रखता है उसके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। इस पर्व के हर दिन मां दुर्गा के एक अलग स्वरूप की पूजा की जाती है। साथ ही हर दिन की कथा और आरती भी अलग-अलग होती है। लेकिन यहां हम आपको माता रानी की एक ऐसी कथा के बारे में बताने जा रहे हैं जो आप नवरात्रि के हर दिन पढ़ सकते हैं।

नवरात्रि व्रत कथा (Navratri Vrat Katha)

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एक समय महिषासुर नामक राक्षस का आतंक धरती पर काफी बढ़ गया था। महिषासुर को वरदान था कि उसे कोई देव या दानव नहीं मार सरता है। इस वरदान को पाते ही महिषासुर ने हर जगह अपना आतंक फैला दिया था। इस राक्षस ने स्वर्ग तक पर अपना अधिकार जमा लिया था। जिसके बाद सभी देवता अपनी रक्षा के लिए भगवान भोलेनाथ की शरण में पहुंचे। तब देवी पार्वती ने अपने अंश से नौ रूप प्रकट किए, जिन्हें सभी देवताओं ने अपने-अपने शस्त्र देकर शक्ति संपन्न किया। ऐसी मान्यता है कि ये पूरी प्रक्रिया चैत्र माह के प्रतिपदा तिथि से शुरू होकर पूरे 9 दिनों तक चली। मान्यताओं के मुताबिक, तब से ही चैत्र महीने में नवरात्रि पर्व मनाने की परंपरा शुरू हो हई। कहा जाता है कि नवरात्रि के नौवें दिन मां दुर्गा ने उस राक्षस का अंत कर दिया था।

चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन राम नवमी भी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ था। इसलिए चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के दिन रामनवमी का पर्व मनाया जाता है। ऐसी भी मान्यता है कि भगवान राम ने रावण का वध करने से पहले मां दुर्गा की उपासना की थी।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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