अध्यात्म

Chaitra Month 2025: चैत्र महीने में भूलकर भी न करें ये काम, मां लक्ष्मी हो जाएंगी नाराज

Chaitra Mahine Me Kya Nahi Karna Chahiye: अगर आप मां लक्ष्मी की कृपा बनाए रखना चाहते हैं तो चैत्र महीने में कुछ काम भूलकर भी न करें। कहते हैं इससे आर्थिक नुकसान होने की संभावना रहती है।

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Chaitra Mahine Me Kya Nahi Karna Chahiye

Chaitra Mahine Me Kya Nahi Karna Chahiye: चैत्र महीने की शुरुआत 14 मार्च से हो चुकी है। ये हिंदू कैलेंडर का पहला महीना होता है। इस महीने में होली, चैत्र नवरात्रि, शीतला अष्टमी, रंग पंचमी, पापमोचिनी एकादशी समेत कई व्रत त्योहार पड़ते हैं। इस महीने में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। इसी महीने से वसंत ऋतु का समापन और ग्रीष्म ऋतु का आगमन होता है। चलिए जानते हैं चैत्र महीने में क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

चैत्र मास में भूलकर भी न करें ये काम (Chaitra Mahine Me Kya Nahi Karna Chahiye)

  • तामसिक भोजन से रहें दूर
  • गुड़ का सेवन करने से बचें
  • प्याज व लहसुन से बनाएं दूरी
  • बाल व नाखून न काटे
  • लड़ाई-झगड़े से दूर रहें
  • नशे से दूर रहें
  • चमड़े से बने चीज़ों का इस्तेमाल न करें

चैत्र मास में क्या करना चाहिए (Chaitra Mahine Me Kya Karna Chahiye)

चैत्र महीने में सूर्यदेव की पूजा करनी चाहिए और उन्हें जल व अर्घ्य चढ़ाना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इस महीने में सूर्यदेव की पूजा करने से व्यक्ति को हर रोगों से छुटकारा मिल जाता है। इस माह में मां दुर्गा के अलावा भगवान विष्‍णु की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। इस महीने में भगवान विष्‍णु के मछली के स्वरूप की पूजा भी करनी चाहिए। कहते हैं ऐसा करने से माता लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहती है और आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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