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Chhath Puja Samagri List In Hindi: चैती छठ पूजा में क्या-क्या समान लगेगा, यहां देखें पूरी लिस्ट

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Apr 14, 2024, 08:29 AM IST

Chhath Puja Samagri List In Hindi: चैती छठ पर्व चैत्र मास की चतुर्थी तिथि से सप्तमी तिथि तक मनाया जाता है। इस पर्व का सबसे मुख्य दिन तीसरा होता है। जिस दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं छठ पर्व की सामग्री लिस्ट के बारे में।

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Chhath Puja Samagri List

Chhath Puja Samagri List In Hindi: छठ का पर्व साल में दो बार मनाया जाता है। एक बार चैत्र महीने में तो दूसरी बार कार्तिक महीने में। अभी चैत्र महीने का छठ पर्व चल रहा है जिसे चैती छठ के नाम से जाना जाता है। जिसकी शुरुआत 12 अप्रैल से हो गई है और इसकी समाप्ति 15 अप्रैल को होगी। इस पर्व का सबसे मुख्य दिन तीसरा होता है जिस दिन डूबते सूर्य को जल दिया जाता है। इस दिन की पूजा में कई सामग्री की जरूरत पड़ती है। यहां चेक करें छठ पूजा की समान लिस्ट।

Chhath Puja Samagri List (छठ पूजा सामग्री लिस्ट)

  • बांस या पीतल का सूप
  • दूध और जल के लिए गिलास
  • चम्मच
  • लड्डू
  • दूध
  • जल
  • शहद
  • गंगाजल
  • चंदन
  • चावल
  • सिंदूर
  • धुपबत्ती
  • कुमकुम
  • कपूर
  • मिट्टी के दीए
  • तेल और बाती
  • नारियल
  • ऋतुफल
  • कलावा
  • सुपारी
  • फूल और माला
  • शरीफा
  • दूध से बनी मिठाइयां
  • बड़ा वाला नींबू
  • सिंघाड़ा
  • सुथनी
  • शकरकंदी
  • मूली
  • बैंगन
  • हल्दी
  • नाशपाती
  • पत्ते लगे हुए ईख
  • केले
  • गेहूं
  • सूर्य को अर्घ्य देने के लिए तांबे का कलश
  • बड़ी टोकरी
  • थाली
  • दीपक
  • खाजा
  • गुजिया
  • गुड़
  • अदरक का पौधा
  • चावल
  • आटा इत्यादि
छठ पर्व के तीसरे दिन व्रती छठ पूजा के समान और प्रसाद को एक टोकरी में लेकर तालाब,नदी या किसी घाट पर जाते हैं और सूर्य देवता को अर्घ्य देकर उनकी विधि विधान पूजा करते हैं। इसके बाद अगले दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत संपूर्ण किया जाता है।
लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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