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Chaiti Chhath Puja Samagri: चैती छठ पूजा में क्या-क्या सामान लगेगा, नोट कर लें छठ पूजा सामग्री लिस्ट

Chaiti Chhath Puja Samagri (चैती छठ पूजा सामग्री): इस साल चैती छठ का महापर्व 22 से 25 मार्च तक मनाया जाएगा। इस दौरान महिलाएं अपने परिवार की खुशहाली के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। चलिए आपको बताते हैं चैती छठ पूजा में क्या-क्या सामान लगेगा।

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चैती छठ पूजा सामग्री लिस्ट (pc: canva)

Chaiti Chhath Puja Samagri (चैती छठ पूजा सामग्री): चैती छठ का महापर्व नवरात्रि के चौथे दिन से शुरू होता है और इसकी समाप्ति सातवें नवरात्र के दिन होती है। इस पर्व के रीति-रिवाज कार्तिक महीने में आने वाली छठ की तरह ही होते हैं। इस दौरान महिलाएं डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देती हैं और 36 घंटो का निर्जला व्रत रखती हैं। चलिए आपको बताते हैं चैती छठ पूजा में किन-किन सामग्रियों की जरूरत होती है।

चैती छठ पूजा सामग्री (Chaiti Chhath Puja Samagri)-

  • थाली
  • दीपक
  • खाजा
  • गुजिया
  • गुड़
  • अदरक का पौधा
  • चावल
  • आटा
  • जल
  • शहद
  • गंगाजल
  • चंदन
  • चावल
  • सिंदूर
  • धुपबत्ती
  • कुमकुम
  • कपूर
  • मिट्टी के दीए
  • बांस या पीतल का सूप
  • दूध और जल के लिए गिलास
  • चम्मच
  • लड्डू
  • हल्दी
  • नाशपाती
  • पत्ते लगे हुए ईख
  • दूध
  • तेल और बाती
  • नारियल
  • ऋतुफल
  • कलावा
  • सुपारी
  • फूल और माला
  • शरीफा
  • दूध से बनी मिठाइयां
  • बड़ा वाला नींबू
  • सिंघाड़ा
  • सुथनी
  • शकरकंदी
  • मूली
  • बैंगन
  • केले
  • गेहूं
  • सूर्य को अर्घ्य देने के लिए तांबे का कलश
  • बड़ी टोकरी

चैती छठ पूजा कैसे मनाया जाता है?

चैती छठ पूजा एक पवित्र हिंदू पर्व है, जो मुख्य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। यह पूजा सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित होती है और चार दिनों तक चलती है। पहले दिन नहाय-खाय में लोग स्नान कर शुद्ध भोजन करते हैं और घर की सफाई करते हैं। दूसरे दिन खरना होता है, जिसमें व्रती दिनभर निर्जला उपवास रखते हैं और शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे का कठिन व्रत शुरू करते हैं। तीसरे दिन ‘संध्या अर्घ्य’ में लोग नदी या तालाब के किनारे जाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं और ठेकुआ, फल तथा गन्ना चढ़ाते हैं। चौथे दिन उषा अर्घ्य के दौरान उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है, जिसके बाद व्रत का पारण किया जाता है।

क्या पीरियड में छठ पूजा कर सकते हैं?

पीरियड्स (मासिक धर्म) के दौरान छठ पूजा का व्रत रखा जा सकता है, लेकिन इस समय पूजा की सामग्री, अर्घ्य की थाली, या प्रसाद को छूने से बचना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों में खुद अर्घ्य देने के बजाय, घर के किसी अन्य सदस्य (पति, बच्चे या महिला) से अर्घ्य दिलवाना सबसे उचित माना जाता है। आप दूर से हाथ जोड़कर सूर्य देव की उपासना कर सकती हैं।
Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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