Budh Grah Dosh: जब व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध ग्रह उच्च स्थिति में न हो तो उसे बुध ग्रह दोष माना जाता है। बुध ग्रह दोष को ज्योतिष में अच्छा नहीं माना जाता। यह दोष होने से व्यक्ति की उन्नति के रास्ते लगभग बंद से हाे जाते हैं। इसलिए समय रहते बुध ग्रह दोष शांति के उपाय कर लेने चाहिए।
बुध ग्रह शांति के लिए उपाय
- ग्यारह एकादशी और ग्यारह बुधवार को व्रत रखें।
- दुर्गा स्तुति का पाठ करें। कन्याओं को दान दक्षिणा देकर आशीर्वाद लें या दुर्गा शक्तिपीठों की यात्रा करें।
- बुध पीड़ा की विशेष शांति के लिए हरड़, गोमय, अक्षत, गोराचन, स्वर्ण, आंवला और शहद मिलाकर सात बुधवार तक स्नान करें।
- बुध पीड़ा के कारण आने वाली व्यापारिक अड़चनों एवं संतान कष्ट में गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ करें। श्रीकृष्ण की शरण में स्वयं को समर्पित कर पूजन करें।
- शत्रुबाधा के नाश के लिए प्रत्यांगिरा जप और हवन विशेष उपाय होता है।
- प्रतिदिन शालिग्राम पूजन करके तुलसीपत्र का सेवन करें और ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः का जाप करें। इस मंत्र को सिद्ध करने का प्रयत्न करें। यदि निश्चित समय सीमा में सवा लाख मंत्रों का जाप 14 बार किया जाए तो मंत्र सिद्ध हो जाता है।
- अनिष्ट बुध की शांति के लिए सबसे उत्तम उपाय है कि बुध मंत्र का अनुष्ठान सहित नित्य विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए।
- बुध उच्च हो तो बुध की चीजों का दान न दें और यदि बुध नीच हो तो बुध की चीजों का दान न लें।
- कौड़ियों को जलाकर बहते पानी में बहाएं।
- तांबे के सिक्के में छेद करके, बहते पानी में बहाएं।
- बुधवार का व्रत पांच, ग्यारह या 43 बार करें।
- एक रत्ती स्वर्ण का बुधवार के दिन दान करें तो लाभ होगा।
- बुध के स्थान को मजबूत करने के लिए और धन प्राप्ति के लिए पन्ना युक्त बुध यंत्र धारण करें।
- महाविष्णु यज्ञ कर कांस्यपात्र में दूध दान करें तो शीघ्र लाभ मिलता है।
बुध ग्रह दोष के प्रभाव
जन्म कुंडली में यदि बुध ग्रह दोष हो तो व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी होती है। त्वचा रोग, बाल झड़ने जैसी समस्याओं से सामना करना पड़ता है। इसलिए उपरोक्त उपायों के माध्यम से बुध ग्रह दोष को शांत करने से लाभ मिलता है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
