Garuda Purana in Hindi: हिंदू धर्म में गरुड़ पुराण को बहुत महत्व दिया गया है। इसमें भगवान विष्णु और उनके प्रिय वाहन गरुड़ देव के बीच संवाद के माध्यम से मनुष्य के जीवन के रहस्यों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई है। गरुड़ पुराण में इंसान के जन्म से मृत्यु, मृत्यु के बाद आत्मा का सफर, जीवन के दौरान किए गए कर्मों का फल और स्वर्ग-नरक की अवधारणा के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसीलिए गरुड़ पुराण का पाठ किसी के मृत्यु के बाद आत्मा की शांति के लिए किया जाता है, लेकिन गरुड़ पुराण सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। ज्यादातर लोगों को यह पता ही नहीं है कि इसमें सफलता और सुख-समृद्धि पाने के कई आसान उपाय बताए गए हैं। आइये जानते हैं गरुड़ पुराण के कुछ ऐसे ही उपाय।
इन शुभ कामों से करें दिन की शुरुआत
- गरुड़ पुरण के अनुसार, हर व्यक्ति को सुबह सूर्यादय से पहले उठकर स्नान कर भगवान के दर्शन और ध्यान जरूर करना चाहिए। इसके बाद अपने पूर्वजों को याद कर उनका भी आशीर्वाद लेना चाहिए। इस नियम का पालन करने वाले लोगों को हर काम में सफलता मिलती है। ईश्वर के साथ पूर्वजों की कृपा मिलने पर कभी किसी चीज की कमी नहीं होती है।
- गरुड़ पुराण में बताया गया है कि, घर में भोजन को पकाते समय पवित्रता का पूरा ध्यान रखना चाहिए। भोजन तैयार होने के बाद सबसे पहले उसका भोग भगवान को लगाएं। ऐसा करने से भगवान विष्णु के साथ ही माता अन्नपूर्णा और मां लक्ष्मी बहुत प्रसन्न होती हैं। ध्यान रहे कि भोग लगाने वाला भोजन सात्विक हो। भगवान को कभी भी लहसुन-प्याज वाले भोजन का भोग न लगाएं।
- गरुड़ पुराण के अनुसार लोगों को प्रतिदिन खाना बनने पर पहली रोटी गाय को और आखिरी रोटी कुत्ते के लिए जरूरत निकालना चाहिए। साथ ही पक्षियों के लिए दाना-पानी डालना भी बहुत पुण्य का कार्य है। इससे पुराने जन्म के बुरे कर्म भी सुधर जाते हैं।
- गरुड़ पुराण के अनुसार व्यक्ति को हमेशा गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए तैयार रहना चाहिए। लोगों को भोजन, कपड़े समेत अन्य जरूरी चीजोंकी जरूरत के अनुसार दान देना चाहिए। इसके अलावा बीमार लोगों की सेवा करना और उनका इलाज करना भी बहुत पुण्य का कार्य है। इससे जन्म लोक के साथ परलोक भी सुधर जाता है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
