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Mahashivratri 2022 Date, Puja Vidhi, Muhurat: अमवस्या में न करें महाशिवरात्रि व्रत का पारण, करें शिव चालिसा का पाठ

Mahashivratri 2022 Date, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Time, Samagri, Mantra: महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास की चतुर्दशी को मनाया जाता है। ये श‍िव भक्‍तों के ल‍िए उल्‍लास और आस्‍था का पर्व होता है। इस वर्ष यह त्योहार 01 मार्च को यानि आज मनाया जा रहा है। इस दिन भोलेनाथ के भक्त व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर दूध, बेलपत्र, बेर, धतूर, भांग चढ़ाते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यहां जानें महाशिवरात्रि की तिथि, पूजा विधि, मुहूर्त, महत्व, उपाय और मंत्र। 

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलटाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलUpdated Mar 2, 2022, 01:04 IST
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 Mahashivratri 2022 Date, Puja Vidhi, Muhurat: अमवस्या में न करें महाशिवरात्रि व्रत का पारण, करें शिव चालिसा का पाठ

Mahashivratri 2022 Date, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Samagri List: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व बेहद उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। आदि देव महादेव के भक्त साल भर इस दिन की प्रतीक्षा करते हैं। इस वर्ष यह त्योहार 01 मार्च को यानि आज मनाया जा रहा है। इस पर्व को लेकर मान्यता है कि महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की शिवलिंग पर दूध, बेलपत्र, बेर, धतूर, भांग चढ़ाने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और उन पर महादेव की विशेष कृपा बना रहती है। भोलेनाथ के भक्त इस पर्व का बेसब्री से इंतजार करते हैं। जानें इस साल कब मनाई जा रही है शिवरात्रि। जानें इसका शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।  

Maha Shivratri 2022 Date, Puja Muhurat, Vidhi, Samagri: Know here

MAR 02, 2022 01:01 IST

चतुर्दशी तिथि का अंत होने से पहले पारण करें

धर्मसिंधु के अनुसार अगर तीनों प्रहारों के बाद चतुर्दशी तिथि समाप्त हो रही है तो पारण चतुर्दशी तिथि के अंत में करना चाहिए। दूसरी ओर यदि चतुर्दशी तिथि सारे प्रहारों के बाद समाप्त हो रही है तो अगली सुबह सूर्योदय के समय पारण करें। यदि चतुर्दशी तिथि के बाद अमावस्या लग रहा है तो चतुर्दशी तिथि का अंत होने से पहले पारण कर लेना चाहिए। महाशिवरात्रि का पारण अमावस्या में नहीं करना चाहिए। इसलिए 1 मार्च की रात्रि में चतुर्दशी तिथि का अंत होने से पहले 12 बजकर 17 मिनट पर व्रत का पारण करें।

MAR 02, 2022 00:09 IST

भोलेनाथ को पंचामृत का भोग लगाएं

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार महाशिवरात्रि व्रत का पारण नियमानुसार करना चाहिए। पारण करने के लिए स्नान आदि कर महाशिवरात्रि व्रत की कथा सुनें फिर शिव चालीसा का पाठ करें। इसके बाद भोलेनाथ को पंचामृत का भोग लगाएं और प्रसाद ग्रहण कर पारण कर लें।

MAR 01, 2022 22:56 IST

पारण का समय

हिंदू पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि का पावन पर्व फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है, चतुर्दशी तिथि आज सुबह 03 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर रात्रि 01 बजे समाप्त होगी। पारण का समय: 1 मार्च, रात्रि 12 बजकर 17 मिनट पर है।

MAR 01, 2022 22:05 IST

त्रिशूल भगवान शिव का प्रिय अस्त्र

त्रिशूल भगवान शिव का प्रिय अस्त्र है। हिंदू धर्म में इसे काम, क्रोध और लोभ का प्रतीक माना जाता हैं। यदि शिवरात्रि में स्वप्न में त्रिशूल दिखाई देने से नकारात्मक विकारों का नाश होता है और भगवान शिव शंकर का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

MAR 01, 2022 21:19 IST

सपने में नदी आने का मतलब

भोलेनाथ को नदी बहुत ही प्रिय है। शिवरात्रि के रात में यदि आपको स्वप्न में नदी दिखाई दे, तो धर्म के अनुसार भगवान शिव की कृपा बहुत जल्दी प्राप्त होती है। नदी को स्वप्न में देखने से किसी भी कार्य जल्दी पूरा होती है।

MAR 01, 2022 20:13 IST

महाशिवरात्रि पर पांच प्रकार के स्वप्न

महाशिवरात्रि के रात में आपको पांच प्रकार के स्वप्न दिखाई दे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये हैं, नदी का स्वप्न, त्रिशूल का स्वप्न, डमरू का स्वप्न, नाग का स्वप्न और तीसरी आंख का स्वप्न।

MAR 01, 2022 19:24 IST

27 दानों से कम की नहीं पहने रुद्राक्ष

रुद्राक्ष की माला 27 दानों से कम की नहीं पहननी चाहिए और उसमें दानों की संख्या विषम ही होनी चाहिए। रुद्राक्ष की माला, पीले या लाल धागे में पहनें या फिर सोने या चांदी की माला बनवाकर पहनें। 

MAR 01, 2022 19:23 IST

ऊं नमः शिवाय मंत्र का करें जाप

रुद्राक्ष को बहुत पवित्र माना गया है इसे स्नान करके, साफ कपड़े पहनकर ही धारण करना चाहिए। इसे धारण करते समय ऊं नमः शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए। 

MAR 01, 2022 18:02 IST

भगवान शिव के रुद्राक्ष की कहानी

मान्यताओं के अनुसार माता सती के देह त्यागने के बाद भगवान शिव के रुदन से निकले आंसू पृथ्वी पर कई जगह गिरे और उनसे प्रकृति को रुद्राक्ष के रूप में एक चमत्कारिक तत्व की प्राप्ति हुई थी। यह भगवान शिव का साक्षात रूप है।

MAR 01, 2022 17:14 IST

शिव रुद्राष्टक का करें जाप

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं। विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपं।
 
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं। चिदाकाशमाकाशवासं भजे हं॥1॥
  
निराकारमोंकारमूलं तुरीयं। गिरा ग्यान गोतीतमीशं गिरीशं।
 
करालं महाकाल कालं कृपालं। गुणागार संसारपारं नतो हं॥2॥

 तुषाराद्रि संकाश गौरं गम्भीरं। मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरं।
 
स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारु गंगा। लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजंगा॥3॥
  
चलत्कुण्डलं भ्रू सुनेत्रं विशालं। प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालं।
 
मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं। प्रियं शंकरं सर्वनाथं भजामि॥4॥
  
प्रचण्डं प्रकृष्टं प्रगल्भं परेशं। अखण्डं अजं भानुकोटिप्रकाशम्।
 
त्रय: शूल निर्मूलनं शूलपाणिं। भजे हं भवानीपतिं भावगम्यं॥5॥
 
कलातीत कल्याण कल्पांतकारी। सदासज्जनानन्ददाता पुरारी।
 
चिदानन्द संदोह मोहापहारी। प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी॥6॥
 
न यावद् उमानाथ पादारविंदं। भजंतीह लोके परे वा नराणां।
 
न तावत्सुखं शान्ति सन्तापनाशं। प्रसीद प्रभो सर्वभूताधिवासं॥7॥
 
न जानामि योगं जपं नैव पूजां। नतो हं सदा सर्वदा शम्भु तुभ्यं।
 
जराजन्म दु:खौघ तातप्यमानं। प्रभो पाहि आपन्न्मामीश शंभो॥8॥
 
रुद्राष्टकमिदं प्रोक्तं विप्रेण हरतोषये।
 
ये पठन्ति नरा भक्तया तेषां शम्भु: प्रसीदति॥  

MAR 01, 2022 16:04 IST

महाशिवरात्रि पर कब करें पूजा?

महाशिवरात्रि पर दिन भर पूजा का मुहूर्त रहता है। लेकिन प्रहर के अनुसार भगवान शिव की पूजा करने के लिए शुभ मुहूर्त 1 मार्च को मध्य रात्रि 12:08 से मध्य रात्रि 12:58 तक है।

MAR 01, 2022 15:32 IST

क्यों मनाया जाता है महाशिवरात्रि का पर्व?

आज पूरे भारत में महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। यह भी कहा जाता है कि आज के दिन भगवान शिव करोड़ों सूर्य के समान प्रभाव वाले ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे।

MAR 01, 2022 13:56 IST

घर के सामने लगाएं भोलेनाथ की तस्वीर

शास्त्रों के अनुसार घर के उत्तर दिशा में यानी सामने ही भोलेनाथ की तस्वीर होनी चाहिए, जहां घर में आने जाने वाले सभी लोग भगवान शिव के दर्शन कर सकें।

MAR 01, 2022 13:22 IST

शिवलिंग पर जल अर्पित करने के नियम

महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए यह जरूर ध्यान रखें कि उन्हें कौन से फूल पसंद हैं। यहां जानें-

1.  हिंदू शास्त्र के अनुसार, शिवलिंग पर जल चढ़ाते वक्त हमेशा अपना मुंह उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए।
2. शिवलिंग पर जल अर्पित करने के लिए सबसे सही पात्र तांबे होता है। लेकिन तांबे के पात्र में भोलेनाथ को दूध कभी में नहीं चढ़ाना चाहिए। तांबे में दूध विष के समान बन जाता है।
3. शिवलिंग पर तेज धार में भूलकर भी जल ना चढ़ाएं, पतली धार से शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
4. शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय खड़े नहीं रहना चाहिए, बैठकर जल अर्पित करें
5. शिवलिंग पर कभी भी शंख से जल नहीं अर्पित करना चाहिए।
6. जल में कुछ ना मिलाएं

MAR 01, 2022 12:48 IST

किस दिशा में स्थापित करें भोलेनाथ की मूर्ति

भगवान शिव का निवास स्थान कैलाश पर्वत पर है, जो कि उत्तर दिशा में है। इसलिए ध्यान रखें कि भोलेनाथ की मूर्ति उत्तर दिशा में स्थापित करें। साथ ही भगवान शिव की क्रोध मुद्रा वाली प्रतिमा स्थापित नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसे विनाश का प्रतीक माना जाता है। 

MAR 01, 2022 12:35 IST

महाशिवरात्रि के व्रत में क्या खाएं

महाशिवरात्रि के व्रत में व्रती अनार या संतरे का जूस पी सकते हैं, फल खा सकते हैं। इस दिन बेर भी खाए जा सकते हैं। जूस पीने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और एनर्जी भी बनी रहती है।

MAR 01, 2022 12:30 IST

शिवरात्रि पर ना पहनें ऐसे कपड़े

महाशिवरात्रि के मौके पर नए कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। इसके अलावा साफ धुले हुए कपड़े भी पहन सकते हैं। मान्यता है कि जो लोग व्रत रखते हैं उन्हें काले कपड़े या डार्क रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए।

MAR 01, 2022 12:27 IST

पितरों को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय

महाशिवरात्रि के मौके पर पितरों को प्रसन्न करने के लिए गरीबों को भोजन करवाएं। ऐसा करने से भक्तों के घर अन्न की कमी नहीं होती। साथ ही इससे पूर्वज प्रसन्न होंगे और उनकी आत्मा को शांति मिलेगी।

MAR 01, 2022 11:46 IST

महाशिवरात्रि पर बन रहा है यह संयोग

महाशिवरात्रि का त्योहार आज यानी 01 मार्च, मंगलवार को मनाया जा रहा है। इस दिन पंचग्रही योग बनेगा जो बेहद विशेष माना गया है। पंच ग्रही योग के समय मंगल, शनि, बुध, शुक्र और चंद्रमा रहेंगे। पंचांग के अनुसार, इस दिन लग्न में कुंभ राशि में सूर्य और गुरु की युति होगी। वहीं राहु वृषभ राशि और केतु दसवें भाव में वृश्चिक राशि में मौजूद रहेंगे। यह संयोग बहुत शुभ माना जा रहा है।

MAR 01, 2022 11:43 IST

जल्द विवाह के लिए उपाय

जिन लोगों का विवाह नहीं हो पा रहा है वो महाशिवरात्रि के मौके पर खास उपाय कर सकते हैं। शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर केसर मिला हुआ दूध चढ़ाने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। 

MAR 01, 2022 11:33 IST

शिवलिंग पर ना चढ़ाएं ये चीजें

शिवभक्त शिवरात्रि के दिन इन बातों का खास ख्याल रखें और भूलकर भी भगवान शिव को ये चीजें अर्पित ना करें:-
-तुलसी के पत्ते
-टूटे हुए बेलपत्र
-टूटे हुए चावल

-केतकी के फूल

MAR 01, 2022 11:27 IST

महाशिवरात्रि 2022 व्रत का पारण कब होगा

महाश‍िवरात्र‍ि व्रत का पारण 02 मार्च 2022, बुधवार को सुबह 6:45 बजे होगा। सुबह स्‍नान करके भोलेनाथ की पूजा कर उनको भोग लगाएं। इसके बाद दान आद‍ि कर भोजन ग्रहण करने की परंपरा है। 

MAR 01, 2022 10:32 IST

शिव चालीसा पढ़ते समय ध्यान रखें

महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की वंदना व श‍िव चालीसा का जाप भक्त कभी भी कर सकते हैं लेक‍िन ये शुद्ध तन और मन से करना चाह‍िए। साथ ही श‍िव चालीसा को पढ़ने में त्रुट‍ि न करें। इससे इस जाप का पूर्ण फल नहीं मिलता है। 
 

MAR 01, 2022 09:40 IST

शिवजी को ऐसे चढ़ाएं बेलपत्र

कहा जाता है कि शिवलिंग पर हमेशा उल्टा बेलपत्र अर्पित करना चाहिए। बेल पत्र का चिकना भाग अंदर की तरफ यानी शिवलिंग की तरफ होना चाहिए।
 

MAR 01, 2022 09:21 IST

भाग्योदय के लिए उपाय

महाशिवरात्रि के मौके पर जागरण करना अत्यंत लाभदायक माना गया है‍। इस दिन शिवमंत्रों का जाप करने से सोया हुआ भाग्य भी जग जाता है। ऐसा करने से भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और घर में सुख शांति रहती है। इस दिन शिवभक्त रात्रि जागरण कर भगवान शंकर की पूजा और जाप करते हैं। 

MAR 01, 2022 09:18 IST

परिवार की सुख समृद्धि के लिए उपाय

महाशिवरात्रि पर शिव और पार्वती की पूजा करना अनिवार्य बताया गया है। इस दिन सवा लाख बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से परिवार में सुख व समृद्धि बढ़ती है। ऐसा माना जाता है कि इससे भय से मुक्ति मिलने के साथ-साथ भोलेनाथ का आशीर्वाद भी मिलता है।

MAR 01, 2022 08:36 IST

धन वृद्धि के लिए करें ये उपाय

महाशिवरात्रि पर अगर आप विधिवत पूजा या जप करें तो भगवान शिव की कृपा धन पर भी होती है। घर की सुख शांति के लिए सवा किलो जौ की पोटली लीजिए फिर उसे शिवलिंग पर अर्पित करके तिजोरी में रख दीजिए। यह उपाय धन वृद्धि के लिए बहुत लाभदायक माना गया है।

MAR 01, 2022 08:22 IST

इस दिशा में स्थापित करें भोलेनाथ की मूर्ति

भगवान शिव का निवास स्थान कैलाश पर्वत पर है, जो कि उत्तर दिशा में है। इसलिए ध्यान रखें कि भोलेनाथ की मूर्ति उत्तर दिशा में स्थापित करें। साथ ही भगवान शिव की क्रोध मुद्रा वाली प्रतिमा स्थापित नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इसे विनाश का प्रतीक माना जाता है।

MAR 01, 2022 07:55 IST

महाशिवरात्रि के दिन भूलकर भी ना करें ये कार्य

1. महाशिवरात्रि के दिन उपवास रख रहे हैं तो देर तक ना सोएं।
2. महाशिवरात्रि के दिन भूल कर भी शिवलिंग की पूर्ण परिक्रमा ना करें।
3. महाशिवरात्रि के दिन भक्तों को कभी भी मांस, तंबाकू या शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से भोलेनाथ नाराज हो सकते है।
4. महाशिवरात्रि के दिन भोलेनाथ की पूजा करते समय शिवलिंग या मूर्ति पर कुमकुम, हल्दी या नारियल का पानी ना चढ़ाएं। महाशिवरात्रि के व्रत में इन नियमों को अपनाने से भोलेनाथ जल्द प्रसन्न होते हैं।
 

MAR 01, 2022 07:38 IST

महाशिवरात्रि पर चारों पहर की पूजा का समय

  1. महाशिवरात्रि के पहले प्रहर की पूजा- 1 मार्च, 2022 शाम 6 बजकर 21 मिनट से रात 9 बजकर 27 मिनट तक 
  2. दूसरे प्रहर की पूजा- रात्रि 9 बजकर 27 मिनट से 12 बजकर 33 मिनट तक 
  3. तीसरे प्रहर की पूजा- रात 12 बजकर 33 मिनट से सुबह 3 बजकर 39 मिनट तक 
  4. चौथे प्रहर की पूजा- 2 मार्च सुबह 3 बजकर 39 मिनट से 6 बजकर 45 मिनट तक 
  5. पारण का समय- 2 मार्च 6 बजकर 45 मिनट के बाद
MAR 01, 2022 07:22 IST

महाशिवरात्रि के दिन करें ये कार्य

महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद पाने के लिए कई चीजों का ध्यान रखना चाहिए। जानें इस दिन क्या कार्य अवश्य करने चाहिए।

1. यदि आप महाशिवरात्रि का व्रत कर रहे हैं तो इस दिन सुबह जल्दी उठकर घर की सफाई करें।
2. महाशिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत के अनुष्ठान के लिए साफ कपड़े धारण करें।
3. पूजा मुहूर्त में ही पूजा करें।
4. रुद्राभिषेक शुद्ध मन और भक्ति पूर्वक करें।
5. महाशिवरात्रि के दिन उपवास के नियम का पालन करें।
6. भोलेनाथ से लंबी आयु की इच्छा प्राप्त करने के लिए शिवलिंग पर दुर्वा घास अवश्य चढ़ाएं।

MAR 01, 2022 07:00 IST

शिवलिंग पर जल अर्पित करने के नियम

महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए यह जरूर ध्यान रखें कि उन्हें कौन से फूल पसंद हैं। यहां जानें-

1.  हिंदू शास्त्र के अनुसार, शिवलिंग पर जल चढ़ाते वक्त हमेशा अपना मुंह उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए।
2. शिवलिंग पर जल अर्पित करने के लिए सबसे सही पात्र तांबे होता है। लेकिन तांबे के पात्र में भोलेनाथ को दूध कभी में नहीं चढ़ाना चाहिए। तांबे में दूध विष के समान बन जाता है।
3. शिवलिंग पर तेज धार में भूलकर भी जल ना चढ़ाएं, पतली धार से शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
4. शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय खड़े नहीं रहना चाहिए, बैठकर जल अर्पित करें
5. शिवलिंग पर कभी भी शंख से जल नहीं अर्पित करना चाहिए।
6. जल में कुछ ना मिलाएं

MAR 01, 2022 06:31 IST

महाशिवरात्रि व्रत विधि

महाशिवरात्रि 01 मार्च, 2022 को मनाई जा रहा है और अगर आप इस दिन व्रत रख रहे हैं तो इस दिन सुबह जल्दी उठकर नित्य क्रियाओं से निवृत्त होकर स्नान कर लें। स्नान करने के बाद भगवान शिव के सामने जाकर व्रत करने का संकल्प लें। व्रत का संकल्प लेने के बाद इस दिन विधि अनुसार भगवान शिव व शिव परिवार की पूजा करें। इस दिन विधि अनुसार शिवलिंग की पूजा भी करें। मान्यताओं के अनुसार, शिवरात्रि पर चार पहर की पूजा करनी चाहिए और रात में जागरण रखना चाहिए। महाशिवरात्रि के दिन शिव मंदिर के दर्शन करना भी लाभदायक माना गया है। अगले दिन सुबह जल्दी स्नान करने के बाद भगवान शिव की पूजा करें और पारण समय पर व्रत का पारण करें।

MAR 01, 2022 06:15 IST

महाशिवरात्रि पर पढ़ें ये आरती

महाश‍िवरात्र‍ि को भोलेनाथ की पूजा का सर्वश्रेष्‍ठ द‍िन माना गया है। इस पूजन के अंत में श‍िवजी की आरती जरूर पढ़ें। यहां पढ़ें ओम जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा आरती के लिरिक्स ह‍िंदी में

FEB 28, 2022 23:35 IST

महाशिवरात्रि के दिन घर में बनाएं खूबसूरत रंगोली

FEB 28, 2022 23:00 IST

महाशिवरात्रि पर करें ये उपाय

महाशिवरात्रि के दिन आटे की गोलियां बनाकर मछलियों को खिलाएं। ऐसा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं तथा आर्थिक तंगी की समस्या दूर होती है। यह उपाय करने से धन प्राप्ति भी होती है।

FEB 28, 2022 22:25 IST

इस वर्ष महाशिवरात्रि पर बन रहा है यह संयोग

महाशिवरात्रि का त्यौहार इस वर्ष 1 मार्च मंगलवार के दिन पड़ रहा है। इस दिन पंचग्रही योग बनेगा जो बेहद विशेष माना गया है। पंच ग्रही योग के समय मंगल, शनि, बुध, शुक्र और चंद्रमा रहेंगे। पंचांग के अनुसार, इस दिन लग्न में कुंभ राशि में सूर्य और गुरु की युति होगी। वहीं राहु वृषभ राशि और केतु दसवें भाव में वृश्चिक राशि में मौजूद रहेंगे। यह संयोग बहुत शुभ माना जा रहा है।

FEB 28, 2022 21:53 IST

महाशिवरात्रि पर कब करें शिव मंदिर के दर्शन?

मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि पर शिव मंदिर के दर्शन करने से लाभ होता है। इस दिन शिव मंदिर के दर्शन संध्याकाल को स्नान करने के बाद ही करना चाहिए।

FEB 28, 2022 21:19 IST

महाशिवरात्रि पर करें इन मंत्रों का जाप

1. महा मृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

2. रूद्र गायत्री मंत्र

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

FEB 28, 2022 20:45 IST

महाशिवरात्रि पर करें उनके 108 नामों का जाप 

महाशिवरात्रि के दिन शिव जी के 108 नामों का जाप करना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। जो भक्त शिव जी के 108 नामों का जाप करता है उस पर भगवान प्रसन्न होते हैं।

FEB 28, 2022 20:17 IST

2022 में कब है महाशिवरात्रि तिथि?

वर्ष 2022 में महाशिवरात्रि तिथि 01 मार्च के दिन पड़ रही है। चतुर्दशी तिथि मंगलवार को 03:16 से प्रारंभ हो जाएगी और बुधवार को तकरीबन 10:00 बजे तक रहेगी। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान है। 

FEB 28, 2022 19:46 IST

क्या महाशिवरात्रि पर आवश्यक है मंदिर जाना?

महाशिवरात्रि तिथि बेहद महत्वपूर्ण मानी गई है। इस दिन लोग अपने घर पर पूजा करने के साथ मंदिर के दर्शन भी करते हैं। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शिव मंदिर का दर्शन करना लाभदायक होता है। लेकिन अगर आप मंदिर नहीं जा सकते हैं तो घर में रहकर ही पूजा कर लें।

FEB 28, 2022 19:15 IST

महाशिवरात्रि पूजा सामग्री

महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा के लिए सुपारी, अक्षत, पान, चंदन, रोली, मौली, दूध लौंग, इलाइची, घी, दही, शहद, कमलगट्टा, धतूरा, बेल पत्र आदि जरूर रखें।

FEB 28, 2022 18:30 IST

शिव जी को क्यों नहीं तुलसी की जाती है अर्पित?

शिव पुराण के अनुसार, जालंधर नाम का एक असूल था जिसको एक वरदान मिला था। कहा जाता है कि असुर की पत्नी की पवित्रता की वजह से कोई भी उसे पराजित नहीं कर सकता था। लेकिन इस असुर का वध भगवान शिव ने किया था। असुर का वध करने के लिए उसकी पत्नी तुलसी की पवित्रता को भंग करना आवश्यक था। और यह कार्य भगवान विष्णु ने किया था। जब असुर जालंधर का वध हुआ तब तुलसी भगवान शिव से नाराज हो गई। और उसने भगवान शिव का बहिष्कार किया। जिस वजह से शिव पूजा के दौरान कभी भी तुलसी का उपयोग नहीं किया जाता है।

FEB 28, 2022 18:00 IST

महाशिवरात्रि पर प्रहर के अनुसार शिवलिंग स्नान विधि

महाशिवरात्रि पर शिवलिंग की पूजा करना आवश्यक माना गया है। इस दिन प्रहर के अनुसार शिवलिंग स्नान किया जाता है। रात्रि के प्रथम प्रहर में दूध, दूसरे में दही, तीसरे में घृत और चौथे प्रहर में मधु से स्नान करवाया जाता है।

FEB 28, 2022 17:19 IST

शिव जी को कैसे अर्पित करें बेलपत्र?

महाशिवरात्रि के दौरान, शिव पूजन में बेलपत्र अर्पित किया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, बेलपत्र हमेशा शिवलिंग पर उल्टा रखकर अर्पित करना चाहिए। बेलपत्र का चिकना भाग अंदर की तरफ शिवलिंग पर रखना चाहिए।

FEB 28, 2022 16:49 IST

महाशिवरात्रि पूजा में क्यों किया जाता है इन चीजों का उपयोग?

महाशिवरात्रि के दिन शिव पूजा के दौरान शिवलिंग पर कमल, शंख पुष्प और बेलपत्र अर्पित किए जाते हैं। मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से आर्थिक तंगी दूर होती है।

FEB 28, 2022 16:21 IST

महाशिवरात्रि पर करें इन मंत्रों का जाप

ॐ अघोराय नम:।।

ॐ तत्पुरूषाय नम:।।

ॐ ईशानाय नम:।।

ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय

FEB 28, 2022 15:50 IST

क्या है महाशिवरात्रि पूजा का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि शिव और पार्वती के विवाह की रात्रि मानी गई है। महाशिवरात्रि के दिन लोग जागरण रखते हैं और शिव-पार्वती की पूजा-आराधना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन जागरण रखने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

FEB 28, 2022 15:19 IST

महाशिवरात्रि पर क्या है मान्यता?

महाशिवरात्रि के दिन देवों के देव महादेव की पूजा की जाती है। यह माना जाता है कि इस दिन महादेव का व्रत रखने से और विधि अनुसार उनकी पूजा करने से सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान शिव के लिंग स्वरूप की पूजा अवश्य की जाती है।

FEB 28, 2022 14:44 IST

महाशिवरात्रि पर श‍िवजी को चढ़ाएं ये फूल

महाशिवरात्रि पर अगर यहां बताएं गए फूलों से भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करें, तो भक्चों के ऊपर त्रिलोकी नाथ की कृपा बरसती है। तो आइए जाने भोलेनाथ के पसंदीदा फूलों के नाम-

-धतूरे का फूल।
-बेलपत्र या मारेदु पत्ता, जिसके बिना अधूरी मानी जाती है।
-पारिजात यानी हरसिंगार का फूल भोलेनाथ को प्र‍िय माना जाता है।
-भोलेनाथ को गुलाब का फूल बहुत प्रिय है। 

इसके अलावा यहां जानें भगवान शिव को पसंद हैं कौन से फूल।

FEB 28, 2022 14:17 IST

महाशिवरात्रि का महत्व

पौराणिक कथाओं के अनुसार फाल्गुन मास के चतुर्दशी को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। मान्यता है कि इस दिन विधिवत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना करने से वैवाहिक जीवन खुशहाल रहता है और विवाह में आने वाली सभी विघ्न बाधाएं दूर होती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत कर भगवान शिव की पूजा अर्चना करने से मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। यदि आपके विवाह में बार बार अड़चन आ रही है तो महाशिवरात्रि के दिन भोलेनाथ की पूजा करने से सभी बाधाएं दूर होती हैं। इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक कर विधिवत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और भोलेनाथ का आशीर्वाद सदैव अपने भक्तों पर बना रहता है।

FEB 28, 2022 14:01 IST

महाश‍िवरात्र‍ि पर ना करें ये काम

महाशिवरात्रि के दिन भोलेनाथ की पूजा करते समय शिवलिंग या मूर्ति पर कुमकुम, हल्दी या नारियल का पानी ना चढ़ाएं। इसके अलावा मांस, तंबाकू या शराब का सेवन भी न करें। 

FEB 28, 2022 13:33 IST

इस दिशा में स्थापित करें भोलेनाथ की मूर्ति

भगवान शिव का निवास स्थान कैलाश पर्वत पर है, जो कि उत्तर दिशा में है। इसलिए ध्यान रखें कि भोलेनाथ की मूर्ति उत्तर दिशा में स्थापित करें। साथ ही भगवान शिव की क्रोध मुद्रा वाली प्रतिमा स्थापित नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसे विनाश का प्रतीक माना जाता है। जानें भोलेनाथ की मूर्ति स्थापित करने के वास्‍तु न‍ियम

FEB 28, 2022 13:28 IST

महाशिवरात्रि पारण समय

महाश‍िवरात्र‍ि व्रत का पारण 2 मार्च 2022, बुधवार को सुबह 6:45 बजे होगा। सुबह स्‍नान करके भोलेनाथ की पूजा कर उनको भोग लगाएं। इसके बाद दान आद‍ि कर भोजन ग्रहण करने की परंपरा है। 
 

FEB 28, 2022 12:57 IST

इस तरह करें भगवान शिव की आराधना-

महा शिवरात्रि के दिन सर्वप्रथम नित्य क्रियाओं से निव्रत होकर किसी भी शिवालय में जाकर आप पूजा अर्चना कर सकते हैं। शिव जी को किसी भी तांबे के पात्र में जल भर कर उसमे थोड़ी शक्कर, गुलाब के फूल की पत्तियां डाल कर स्नान कराएं। उसके बाद घी, दूध, शहद, गंगाजल, शक्कर डाल कर उनका पंचामृत अभिषेक कराएं। उसके उपरांत  भगवान शिव को रोली, मौली, अक्षत, यानी पुष्प (कनेर गुलाब) पान, सुपारी ,लौंग, इलायची, चंदन, कमलगटटा, धतूरा, बेलपत्र, आदि अर्पित करें। शिवपुराण के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन शिवपुराण का पाठ और महामृत्युंजय मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता। मंत्र इस प्रकार हैं-

ॐ हौं जूं सः

महा मृतुन्जय मंत्र...

ॐ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टि-वर्धनम उर्वारुकमिव बन्धनं मृत्योर्मुक्षीय मामृतात

FEB 28, 2022 12:36 IST

महाशिवरात्रि पर स्वप्न में दिखी 5 चीजें, तो बरसेगी भोलेनाथ की कृपा

देश में महाशिवरात्रि बहुत ही हर्ष, उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन त्रिलोकीनाथ और माता पार्वती की पूजा आराधना की जाती है। हिंदू धर्म के अनुसार इस दिन माता पार्वती और शिव शंकर का विवाह हुआ था। इसलिए इस पूजा को हमारे देश में उत्साह के साथ मनाया जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार इस पूजा को करने से भोलेनाथ के साथ-साथ माता पार्वती का आशीर्वाद मिलता है। यदि शिवरात्रि के दिन रात में यह 5 प्रकार के स्वप्न दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। धर्म के अनुसार इस स्वप्न को देखने का मतलब शिव शंकर का की कृपा दृष्टि बहुत जल्दी प्राप्ति होने माना जाता है। तो आइए जाने वह कौन कौन से स्वप्न है, जिन्हें हम देखने के बाद भगवान शंकर का आशीर्वाद जल्दी प्राप्त कर सकते हैं। जानें कौन सी हैं वो पांच चीजें- 

1. नदी का स्वप्न
2. त्रिशूल का स्वप्न
3. डमरू का स्वप्न
4. नाग का स्वप्न
5. तीसरी आंख का स्वप्न

विस्तार से जानने के लिए यहां क्लिक करें
 

FEB 28, 2022 12:02 IST

महाशिवरात्रि पर करें इन महाशक्तिशाली शिव-मंत्रों का जाप

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि के पर्व पर शिव मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि शिव मंत्रों का जाप करने से सारी मुश्किलें दूर हो जाती हैं और आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है। ऐसा माना जाता है कि उनके मंत्रों का जाप करने से वह प्रसन्न होते हैं। इसलिए इस दिन व्रत,उपवास के साथ शिव पूजन और साथ में उनके मंत्रों के जाप की भी प्रधानता है। यहां जानें कि महाशिवरात्रि पर किन मंत्रों का जाप किया जाना चाहिए।

FEB 28, 2022 11:59 IST

महाशिवरात्रि पर चारों पहर की पूजा के मुहूर्त

महाशिवरात्रि पर प्रथम पहर की पूजा सूर्यास्त के बाद की जाती है। 2022 में इसका समय शाम 6:21 से शुरू होकर रात में 09:27 तक का है। दूसरे पहर की पूजा का शुभ मुहूर्त रात 9 बजकर 27 मिनट से है ज‍िस दौरान भोलेनाथ का दही से अभिषेक किया जाता है। तीसरे पहर की पूजा मध्यरात्रि में की जाती है और इस समय रुद्राष्टक का पाठ शुभ माना जाता है।  चौथे पहर की पूजा अगले दिन भोर में की जाती है। चौथे पहर की पूजा अगले दिन भोर में होती है। इस दौरान शहद से शिवलिंग का अभिषेक करें। 

FEB 28, 2022 11:57 IST

महाशिवरात्रि पर करें इस मंत्र का जाप

 शिवपुराण के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन शिवपुराण का पाठ और महामृत्युंजय मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता। मंत्र इस प्रकार हैं-

ॐ हौं जूं सः

महा मृतुन्जय मंत्र...

ॐ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टि-वर्धनम उर्वारुकमिव बन्धनं मृत्योर्मुक्षीय मामृतात

FEB 28, 2022 11:56 IST

महाश‍िवरात्र‍ि पूजा विधि

महाशिवरात्रि के अवसर पर स्नान कर निवृत हो जाएं फिर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें और विधिवत पूजा के लिए एक कलश में दूध या जल लेकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। साथ ही शिवलिंग पर बेलपत्र, भांग, धतूर, बेर, फूल आदि सभी सामग्री भगवान शिव को अर्पित करें। इस दिन मंदिर में भगवान शिव के समक्ष बैठकर शिवपुराण, महामृत्युंजय मंत्र, शिव मंत्र और शिव जी के आरती का पाठ करना चाहिए। इस दिन रात्रि में जागरण भी किया जाता है। ऐसा करने से भगवान शिव की भक्तों पर सदैव कृपा बनी रहती है और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

FEB 28, 2022 11:54 IST

कब है शिवरात्रि

हिंदू पंचांग के अनुसार 2022 में महाशिवरात्रि (Maha shivratri 2022 Date) का व्रत 1 मार्च 2022, द‍िन मंगलवार को है। 01 मार्च को चतुर्दशी तिथि सुबह 03 बजकर 16 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 2 मार्च, बुधवार को सुबह 1 के करीब होगा। 

  • महाशिवरात्रि 2022 व्रत तिथ‍ि: 1 मार्च 2022, मंगलवार
  • फाल्‍गुन मास 2022 की चतुर्दशी तिथि प्रारंभ : 1 मार्च 2022, 3:16 AM से
  • फाल्‍गुन मास 2022 की चतुर्दशी तिथि समापन: 2 मार्च 2022, बुधवार को 1 AM तक