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Bihu 2025 January: बिहू पर्व कब से शुरू है? जानिए इसकी तिथि और महत्व

Bihu 2025 January: बिहू का त्योहार असम में खासतौर पर मनाया जाता है। ये पर्व हर जगह पर अलग- अलग तरीके से मनाया जाता है। आइए जानें साल 2025 में माघ बिहू का त्योहार कब मनाया जाएगा।

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Bihu 2025 January

Bihu 2025 January: माघ बिहू का पर्व असम में विशेष रूप से मनाया जाता है। ये पर्व पूर्वोत्तर राज्यों का सबसे प्रमुख पर्व है। माघ बिहू के दिन सूर्य देव के उत्तरायण होते हैं। जिसके कारण उत्तर के राज्य में मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है। बिहू का त्योहार अच्छी फसल की कटाई के रूप में मनाया जाता है। इस पर्व के दिन असम के लोग फसलों की अच्छी पैदावार के लिए भगवान की पूजा करते हैं और उनका आभार प्रकट किया जाता है। इस दिन लोकनृत्य भी किया जाता है और पारंपरिक भोजन बनाया जाता है। आइए जानें साल 2025 में जनवरी के महीने में बिहू कब है।

Bihu Festival Schdule 2025 (2025 में बिहू कब- कब मनाया जाएगा)

  • भोगाली या माघ बिहू- 14 जनवरी 2025
  • रोंगाली या बोहाग बिहू- 14 अप्रैल 2025
  • कोंगाली या काटी बिहू- 18 अक्तूबर 2025

Bihu 2025 January (जनवरी 2025 में बिहू कब है)

पंचांग के अनुसार इस साल संक्रांति तिथि की शुरुआत 14 जनवरी को सुबह 9 बजकर 3 मिनट पर होगा और इसका समापन 15 जनवरी को रात 10 बजकर 11 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार इस साल जनवरी बिहू का पर्व 15 जनवरी 2025 को मनाया जाएगा।

Bihu 2025 Shubh Muhurat (जनवरी बिहू शुभ मुहूर्त 2025)

जनवरी के महीने में इस साल बिहू 15 जनवरी 2025 को मनाया जाएगा। इसको माघ बिहू के नाम से भी जाना जाता है।
  • ब्रह्म मुहूर्त - 05:27 ए एम से 06:21 ए एम तक रहने वाला है।
  • प्रातः सन्ध्या - 05:54 ए एम से 07:15 ए एम तक रहने वाला है।
  • विजय मुहूर्त - 02:16 पी एम से 02:58 पी एम तक रहने वाला है।
  • गोधूलि मुहूर्त - 05:44 पी एम से 06:11 पी एम तक रहने वाला है।
  • सायाह्न सन्ध्या - 05:46 पी एम से 07:07 पी एम तक रहने वाला है।
  • निशिता मुहूर्त - 12:04 ए एम, जनवरी 16 से 12:58 ए एम तक

Bihu Festival Mahatav (बिहू पर्व का महत्व)

बिहू का त्योहार असम का सबसे प्रमुख पर्व माना जाता है। ये पर्व सर्दियों के मौसम के अंत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। किसानों के द्वारा ये त्योहार बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार में भगवान को अच्छी फसल के लिए धन्यवाद दिया जाता है। माघ बिहू के दिन लोक व्यंजन आलू पितिका, जाक और मसोर टेंगा बनाया जाता है और सब मिलकर भोज करते हैं। इस पर्व के दिन किसानों के द्वारा ब्राई शिबराई देवता को मौसम की पहली फसल अर्पित की जाती है और आने वाले समय में अच्छे फसल की कामना करते हैं।
Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

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