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पुरी जगन्नाथ रथयात्रा में भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसे हालात; दो श्रद्धालुओं की मौत, कई अन्य घायल

पुरी में भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा के दौरान भारी भीड़ और बारिश के बीच अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई, जिसमें दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई लोग घायल या बेहोश हो गए। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर इलाज उपलब्ध कराया।

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जगन्नाथ धाम रथयात्रा के दौरान मची अफरातफरी

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Puri Jagannath Rath Yatra: ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा के दौरान भारी भीड़ और बारिश के बीच अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिससे एक दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए तथा कुछ लोग बेहोश होकर गिर पड़े। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि उत्सव के दौरान सात लोग अस्वस्थ हो गए थे और उन्हें बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाया गया।

बयान में कहा गया, "इनमें 60 वर्ष से अधिक उम्र के एक पुरुष श्रद्धालु की मौत हो गई। संबंधित अधिकारी उनकी मौत के सही कारण का पता लगा रहे हैं।" इसमें कहा गया, "इससे अलावा एक अन्य असंबंधित घटना में 35 वर्ष से अधिक उम्र के एक पुरुष श्रद्धालु को दिल का दौरा पड़ा और तत्काल चिकित्सा सहायता दिए जाने के बावजूद उनकी मौत हो गई।" मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि बारिश के कारण अस्वस्थ हुए कई श्रद्धालुओं का अस्पतालों में इलाज किया गया और बाद में उन्हें छुट्टी दे दी गई। उसने कहा कि श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ और लगातार बारिश के कारण दिनभर में थकान, शरीर में पानी की कमी, दम घुटने और स्वास्थ्य संबंधी मामूली परेशानियों के मामले सामने आए।

राज्य सरकार ने किया यह दावा

राज्य सरकार ने दावा किया कि उत्सव कुल मिलाकर शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और बेहतर प्रबंधन के साथ संपन्न हुआ तथा भगदड़ या भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था पूरी तरह चरमराने की कोई घटना नहीं हुई। अधिकारियों ने कहा, "प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों, सेवादारों और स्वयंसेवकों के तालमेल से श्रद्धालुओं का आवागमन निर्बाध रूप से जारी रहा।" उन्होंने कहा कि पूरे उत्सव के दौरान स्थिति सामान्य रही और सभी जरूरी सेवाएं प्रभावी ढंग से काम करती रहीं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, देश-विदेश से आए आठ से नौ लाख श्रद्धालु मंदिर नगरी में आयोजित वार्षिक रथ यात्रा में शामिल हुए।

100 लोगों को भीड़ से बाहर निकाला

अग्निशमन सेवा के महानिरीक्षक उमाशंकर दाश ने इससे पहले कहा था कि बड़ा डंडा पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। इसी मार्ग से रथों को श्री गुंडिचा मंदिर ले जाया जाता है, जिसे भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का जन्मस्थान माना जाता है। दाश ने संवाददाताओं से कहा, "हमने भीड़ में दम घुटने से अस्वस्थ हुए करीब 100 लोगों को बाहर निकाला। उन्हें अस्थायी अस्पतालों और एम्बुलेंस तक पहुंचाया गया। इससे श्रद्धालुओं को राहत मिली।"

नवीन पटनायक ने जताया शोक

इस बीच, बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने कहा कि रथ यात्रा के दौरान बड़ा डंडा पर लोगों की मौत की खबर से वह दुखी हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "मैं मृत श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति और 100 से अधिक घायल श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।" विधानसभा में विपक्ष के नेता पटनायक ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से सभी लोगों की सहायता के लिए पूरा सहयोग करने को भी कहा। बीजद अध्यक्ष ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि राज्य सरकार भीड़ का उचित प्रबंधन कर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।"

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा क्या?

कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने राज्य सरकार की आलोचना की और प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होंने कहा, "दो लोगों की मौत के लिए प्रशासन जिम्मेदार है।" दूसरी ओर, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सेवादारों का आभार जताया और लाखों श्रद्धालुओं को उनके धैर्य, अनुशासन तथा सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि उनके सहयोग के कारण उत्सव को शांतिपूर्ण और सफल तरीके से संपन्न कराने में मदद मिली। पिछले साल रथ यात्रा के दौरान श्री गुंडिचा मंदिर के पास मची भगदड़ में तीन लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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