अध्यात्म

Saraswati Vandana: बसंत पंचमी पर सरस्वती वंदना से करें मां शारदे की प्रार्थना, हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी अंब विमल मति दे लिरिक्स

Hey Hans Vahini Gyaan Daayinee Lyrics in Hindi बसंत पंचमी हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी: हिंदू धर्म में बसंत पंचमी पूजा का विशेष महत्व है। आज बसंत पंचमी का ही खास दिन है और आज के दिन मां सरस्वती की वंदना कर उनका आशीर्वाद जरूर लिया जाता है। यहां से आप सरस्वती वंदना के पूरे लिरिक्स देख सकते हैं।

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सरस्वती वंदना (pc: pinterest)

Hey Hans Vahini Gyaan Daayinee Lyrics in Hindi बसंत पंचमी हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी: आज यानी 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी का शुभ दिन है। ये हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर मनाया जाता है। इस मौके पर भक्त ज्ञान, कला और शिक्षा की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। मां सरस्वती को खुश करने के लिए इस दिन उनकी कथा, मंत्र, वंदना और आरती का पाठ भी किया जाता है। मां सरस्वती की वंदना संस्कृत में है और शायद ही किसी को याद हो। इसलिए आप यहां से लिरिक्स (बोल) की मदद लेकर इसका पाठ कर सकते हैं। ये वंदना सरस्वती माता को प्रिय है। यहां सरस्वती वंदना के पूरे लिरिक्स मौजूद हैं और साथ ही इस वंदना का अर्थ भी हिंदी में विस्तार से यहां समझाया गया है।

सरस्‍वती वंदना हे हंस वाहिनी ज्ञानदायिनी के ह‍िंदी ल‍िरिक्‍स (Maa Saraswati Vandana He Hans Vahini Gyan Dayini Lyrics)-

हे हंसवाहिनी ज्ञान दायिनी

अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥

जग सिरमौर बनाएँ भारत,

वह बल विक्रम दे। वह बल विक्रम दे॥

हे हंसवाहिनी…..

अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥

साहस शील हृदय में भर दे,

जीवन त्याग-तपोमर कर दे,

संयम सत्य स्नेह का वर दे,

स्वाभिमान भर दे। स्वाभिमान भर दे॥१॥

हे हंसवाहिनी ….

अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥

लव-कुश, ध्रुव, प्रहलाद बनें हम

मानवता का त्रास हरें हम,

सीता, सावित्री, दुर्गा मां,

फिर घर-घर भर दे। फिर घर-घर भर दे॥२॥

हे हंसवाहिनी……

अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥

हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी - सरस्वती वंदना का अर्थ हिंदी में (Saraswati Vandana Meaning In Hindi)-

इस सरस्वती वंदना का अर्थ है- हे हंस पर विराजमान रहने वाली, ज्ञान बांटने वाली माँ, हमें ज्ञान से परिपूर्ण और निर्मल बुद्धि प्रदान करें। हे माँ, हमें वह शक्ति और साहस (बल-विक्रम) दें, जिससे हम अपने देश भारत को पूरे विश्व में सर्वश्रेष्ठ (सिरमौर) बना सकें। हमारे हृदय में निडरता और विनम्रता (साहस-शील) भर दें, और हमारा जीवन त्याग तथा तपस्या के मार्ग पर समर्पित हो, ऐसा वरदान दें। हमें अनुशासन, सत्य के मार्ग पर चलने की शक्ति और सबके प्रति प्रेम (स्नेह) का वरदान दें। हमारे भीतर स्वाभिमान भर दें। हे माँ, हमें लव-कुश (वीरता), ध्रुव (दृढ़ता) और प्रहलाद (भक्ति) जैसा बनाएं, ताकि हम मानवता के दुखों (त्रास) को दूर कर सकें। आप घर-घर में सीता और सावित्री जैसी पवित्रता और दुर्गा जैसी अन्याय से लड़ने की शक्ति भर दें।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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