Delimitation Meet: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने शनिवार को परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई, लेकिन डीएमके और एआईएडीएमके ने इस बैठक से दूरी बनाई। डीएमके सांसद कनिमोझी ने बताया कि अगर बैठक में शामिल होने की जरूरत होती तो पार्टी जरूर हिस्सा लेती।
कनिमोझी ने कहा कि संसद के मौजूदा सत्र के महज चार दिन बचे हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने नए परिसीमन विधेयक पर चर्चा के लिए किसी भी राजनीतिक दल को आमंत्रित नहीं किया है और न ही इस मुद्दे पर कोई चर्चा हुई है।
कनिमोझी ने कहा, ''जब परिसीमन विधेयक संसद में लाया ही नहीं जा रहा है, तो इस मुद्दे पर बैठक करना हमारे लिए बेवजह है। हमें यह बैठक निरर्थक लगती है।'' उन्होंने कहा कि मेकदातु जैसे कई अहम मुद्दे हैं, जिन पर चर्चा जरूरी है। सभी राजनीतिक दल सरकार से इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार सुविधाजनक तरीके से उनकी मांग को नजरअंदाज कर रही है।
कनिमोझी ने कांग्रेस को भी घेरा
कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कनिमोझी ने कहा, ''पार्टी तमिलनाडु में डीएमके और कांग्रेस के दशकों पुराने राजनीतिक इतिहास को भूल गई है। उन्होंने कहा कि डीएमके ने कई मौकों पर कांग्रेस के खिलाफ भी संघर्ष किया है। जब भी कांग्रेस ने लोकतंत्र, तमिल भाषा या तमिल पहचान के लिए खतरा पैदा किया, डीएमके ने उसका विरोध किया और तमिलनाडु की जनता के साथ खड़ी रही।''
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उन्होंने कहा, ''हमें अच्छी तरह पता है कि तमिल लोगों को किसने निराश किया है और यह भी पता है कि डीएमके हमेशा तमिलनाडु की जनता के साथ खड़ी रही है। हमें यह बताने के लिए किसी और की जरूरत नहीं है कि हम कौन हैं।''
