Vastu Tips For Fish Aquarium at Home: वास्तु शास्त्र और फेंगशुई में घर में एक्वेरियम रखने को शुभ बताया गया है। इससे घर पर सकारात्मक ऊर्जा यानी पॉजिटिविटी का वास होता है। क्योंकि मछलियां आलसी नहीं होती और हमेशा ही एक्टिव रहती है। लेकिन घर पर फिश एक्वेरियम रखने के कई नियमों के बारे में बताए गए हैं। चाइनीज वास्तु शास्त्र के अलावा हिंदू संस्कृति में भी मछलियों को बेहद शुभ माना गया है और इसे काम पूर्ति होने का प्रतीक बताया गया। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मछलियों को जीवन का कारक माना गया है। हिंदू धर्म में मछलियों को केतु राशि का जीवन कारक के रूप में दर्शाया गया है इसके अलावा हमारे ज्योतिष शास्त्रों में मीन राशि अर्थात मछलियों से जुड़ी हुई राशि की भी बात की गई है। जानते हैं एक्वेरियन में मछलियों की संख्या कितनी होनी चाहिए और कैसी मछली रखने से इसका लाभ मिलता है।
एक्वेरियम में कितनी मछलियां रखना होता है शुभ
इन दिनों एक्वेरियम रखने का चलन खूब प्रचलित हो रहा है। एक्वेरियम में लोग अपने मर्जी की मछलियों को रख लेते हैं। हालांकि वास्तु शास्त्र के अनुसार एक्वेरियम में सही संख्या में मछली रखना बेहद जरूरी है। इसके अलावा खास कलर की मछलियां एक्वेरियम में रखनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया जाए तो आसपास नकारात्मक एनर्जी का संचार होने लगता है और ये हमारे लिए परेशानी का सबब बन सकता है। वास्तु के अनुसार एक्वेरियम में कम से कम नौ मछलियां होनी चाहिए।
एक्वेरियम में आठ सुनहरी और लाल मछली जरूर रखें
फेंगशुई वास्तु शास्त्र के अनुसार एक्वेरियम में कम से कम 9 मछलियों को जरूर रखनी चाहिए। इसमें आठ मछलियां सुनहरी और लाल रंग की होनी चाहिए। इसके अलावा एक मछली काली रंग की होना शुभ फलदाई है।
एक्वेरियम में क्यों जरूरी है सुनहरी मछली रखना
एक्वेरियम में सुनहरी रंग की मछली रखना बेहद खास होता है। सुनहरी रंग की मछली को तरक्की और सकारात्मक एनर्जी का प्रतीक माना गया है। वास्तु के अनुसार भी एक्वेरियम में सुनहरी और लाल रंग की मछलियों को रखना बहुत ही शुभ और जरूरी बताया गया है। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि फिश एक्वेरियम हमेशा घर की पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना शुभ होता है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

