Sawan 1st Somvar 2022: 18 जुलाई को पड़ रहा है सावन का पहला सोमवार, जानें कैसे करें पूजा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 13, 2022, 07:34 AM IST

Sawan Somvar 2022 Puja Vidhi: इस साल सावन का महीना 14 जुलाई से शुरू हो रहा है। भगवान भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए शिव भक्त सावन भर नियमित रूप से भगवान शिव जी की आराधना करते हैं। कई भक्त पूरे सावन व्रत भी रखते हैं। इस साल सावन का पहला सोमवार 18 जुलाई को पड़ रहा है।

Sawan 1st Somvar 2022: 18 जुलाई को पड़ रहा है सावन का पहला सोमवार, जानें कैसे करें पूजा
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Sawan Somvar 2022: सावन का महीना भगवान शिव को सबसे ज्यादा प्रिय होता है। सावन का महीना शिव भक्तों के लिए भी सबसे खास महीना होता है। हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव की विधि विधान से पूजा करने पर हर मनोकामना पूरी होती है। भगवान भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए शिवभक्त सावन भर नियमित रूप से भगवान शिव जी की आराधना करते हैं। कई भक्त पूरे सावन व्रत भी रखते हैं। सावन के महीने में ही कांवड़ यात्रा निकाली जाती है। कांवड़ यात्रा के दौरान शिव भक्त गंगा नदी से पवित्र जल भरते हैं और लंबी यात्रा करके शिव जी को जल अर्पित करते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल सावन 14 जुलाई से शुरू हो रहा है जो 12 अगस्त तक चलेगा। इस साल सावन का पहला सोमवार 18 जुलाई को पड़ रहा है। आइए जानते हैं सावन के पहले सोमवार में कैसे करें भगवान शिव की आराधना।

इस साल पड़ेंगे चार सोमवार

इस बार सावन के महीने में चार सोमवार व्रत पड़ेंगे। पहला सोमवार 18 जुलाई, दूसरा सोमवार 25 जुलाई व तीसरा सोमवार 01 अगस्त और चौथा सोमवार 08 अगस्त को पड़ेगा। 12 अगस्त को सावन खत्म हो जाएगा। इन चारों सोमवार का विशेष महत्व है। और इन सोमवार में व्रत रखने व विधि विधान से भगवान शिव की पूजा अर्चना करने पर भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा बनी रहती है।

ऐसे करें पहले सोमवार को व्रत

सावन के पहले सोमवार में व्रत रखने के लिए सुबह स्नान करके मंदिर जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करें। इस दौरान भगवान शिव को बेलपत्र धतूरा, भांग, चंदन, पुष्प आदि समर्पित करें। इसके बाद घर में जाकर भगवान शिव व मां पार्वती की विधि विधान से पूजा करें। पूजा करने के दौरान सबसे पहले भगवान गणेश की आरती करें। उसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें। इसके बाद भगवान शिव को रोली, अक्षत, पुष्प, धूप व दीपक अर्पित करें। इसके बाद सावन सोमवार के व्रत की कथा पढ़ें व भगवान शिव का मंत्र का जाप करें।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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