Ramadan 2022 Date, Sehri and Iftar Timings, Prayer Time Table in India: रमजान का पवित्र महीना किस तारीख से शुरू हो रहा है इसे लेकर लोगों की उत्सुकता बनी हुई थी, लेकिन इसपर उस वक्त विराम लग गया जब 2 अप्रैल यानी शनिवार को रमजान का चांद नजर आ गया था, उसके अगले दिन यानी 3 अप्रैल को पहला रोजा रखा गया, आप यहां रमजान महीने की सहरी और इफ्तार की टाइमिंग देख सकते हैं।
| तारीख | सहरी का समय | इफ्तार का समय |
| 3 April | 4:49 am | 6:41 pm |
| 4 April | 4:47 am | 6:42 pm |
| 5 April | 4:46 am | 6:42 pm |
| 6 April | 4:46 am | 6:43 pm |
| 7 April | 4:43 am | 6:43 pm |
| 8April | 4:42 am | 6:44 pm |
| 9 April | 4:41 am | 6:45 pm |
| 10 April | 4:40 am | 6:45 pm |
| 11 April | 4:38 am | 6:46 pm |
| 12 April | 4:37 am | 6:46 pm |
| 13 April | 4:36 am | 6:47 pm |
| 14 April | 4:35 am | 6:47 pm |
| 15 April | 4:33 am | 6:48 pm |
| 16April | 4:32 am | 6:48 pm |
| 17April | 4:31 am | 6:49 pm |
| 18 April | 4:30 am | 6:50 pm |
| 19 April | 4:28 am | 6:50 pm |
| 20 April | 4:27 am | 6:51 pm |
| 21 April | 4:26 am | 6:51 pm |
| 22April | 4:25 am | 6:52 pm |
| 23 April | 4:24 am | 6:53 pm |
| 24 April | 4:22 am | 6:53 pm |
| 25 April | 4:21 am | 6:54 pm |
| 26 April | 4:20 am | 6:54 pm |
| 27 April | 4:19 am | 6:55 pm |
| 28 April | 4:18 am | 6:55 pm |
| 29 April | 4:17 am | 6:56 pm |
| 30 April | 4:16 am | 6:57 pm |
| 1 May | 4:15 am | 6:57 pm |
| 2 May | 4:13 am | 6:58 pm |
गौर हो कि रमजान माह में चांद दिखने की अहम भूमिका होती है जिस दिन रात में चांद दिखता है, उसके अगले दिन से रमजान का रोजा रखा जाता है, 2 तारीख को चांद दिख गया है जिसके बाद से रोजे रखे जा रहे हैं।
रमजान का पवित्र महीना यह इस्लामी कैलेंडर का नौवां माह है, जिसे सबसे ज्यादा पवित्र माह माना जाता है, इसमें 29 से 30 दिन तक रोजा रखा जाता है और इसका समापन ईद-उल-फितर के साथ होता है।
रमजान के समय पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर खुदा की इबादत करने के साथ लोगों की सेवा की जाती है और शाम को एक साथ बैठकर इफ्तार करते हैं।
इसलिए पूरे एक माह रमजान में रोजा रखा जाता है
रोजा रखने के लिये सूर्योदय से पहले सहरी खाई जाती है इसके बाद शाम का सूरज ढलने के बाद मगरिब की अजान होने पर रोजा खोला जाता है, जिसे इफ्तार कहते हैं। रमजान को लेकर इस्लामिक मान्यता है कि पवित्र माह में ही अल्लाह से पैगंबर मोहम्मद साहब को कुरान की पहली आयतें मिली थीं। जिसके कारण ही पूरे एक माह रमजान में रोजा रखा जाता है।

