Astrology Tips For Mercury Planet: ज्योतिष शास्त्र में कुल 9 ग्रहों को तटस्थ ग्रह माना गया है। बात करें बुध ग्रह की तो यह कन्या और मिथुन राशि का स्वामी ग्रह है। किसी जातक की कुंडली मे यदि बुध ग्रह अशुभ होता है तो उसे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं जिन जातकों की कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होता है उन्हें व्यापार, शिक्षा, नौकरी में खूब सफलता हासिल होती है। लेकिन बुध ग्रह के अशुभ प्रभाव से देने से पहले ही व्यक्ति को कुछ संकेत मिलने लगते हैं। आप पहले से ही इन संकतों को पहचान कर नुकसान से बच सकते हैं। जानते हैं बुध ग्रह के अशुभ होने के संकेत और इसे प्रबल बनाने के उपाय।
बुध ग्रह के अशुभ होने पर मिलते हैं ये संकेत
- आय से अधिक व्यय होना और कर्ज में डूबना, ये सभी कुंडली में बुध की अशुभ स्थिति को दर्शाता है। यदि आप धीरे-धीरे कर्ज के बोझ तले दबे जा रहे हैं तो यह बुध ग्रह के कमजोर होने का संकेत है।
- बुध ग्रह का संबंध त्वचा से भी होता है। इसलिए त्वचा संबंधी रोग भी कुंडली में बुध ग्रह की अशुभ स्थिति के संकेत हैं।
- जिस जातक की कुंडली में बुध ग्रह अशुभ स्थिति में होता है, उसके बोलने की क्षमता भी कमजोर पड़ने लगती है। वह अपनी बात को किसी के सामने सही तरीके से रखने में सक्षम नहीं होता।
- जिस जातक की कुंडली में बुध मजबूत होता है वह कार्यक्षेत्र में खूब कामयाबी हासिल करता है। लेकिन बुध के कमजोर होने पर उसे शिक्षा, नौकरी और व्यापार से जुड़े क्षेत्र में खूब मेहनत के बाद भी कामयाबी नहीं मिल पाती।
बुध ग्रह को प्रबल बनाने के उपाय
- बुध ग्रह के देवता भगवान गणेश माने जाते हैं। कुंडली में बुध ग्रह को प्रबल बनाने के लिए प्रत्येक बुधवार को भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करें और पूजा में दूर्वा चढ़ाएं।
- कुंडली में बुध ग्रह अशुभ होने पर ज्योतिष पन्ना रत्न धारण करने की सलाह देते हैं।
- प्रतिदिन ‘ओम बुधाय नम:’ मंत्र का जाप 108 बार करने से भी बुध ग्रह मजबूत होता है।
- गरीब और जरूरतमंद में हरे मूंग की दाल, चीनी या छोटी इलायली का दान करें। इससे भी बुध ग्रह से शुफ फलों की प्राप्ति होती है।
बुध के इन संकेतों को पहले से ही पहचान कर आप इससे बच सकते हैं और बुध ग्रह के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकत है। लेकिन किसी भी ग्रह की स्थिति मजबूत करने के लिए यदि रत्न धारण कर रहे हैं तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि किसी ज्योतिष की सलाह अवश्य लें।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

