Hanuman Chalisa Niyam: हनुमान चालीसा पढ़ने वाले भूलकर भी ना करें ये पांच गलतियां, वरना पड़ेगा पछताना

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 5, 2022, 09:16 PM IST

Hanuman Chalisa Niyam: हनुमान चालीसा पढ़ने से जीवन का हर दुख हर संकट दूर हो सकता है। अल्प मृत्यु से लेकर भूत-पिशाच से जुड़ी समस्याएं में हनुमान चालीसा को बहुत महत्वपूर्ण समझा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं हनुमान चालीसा का पाठ करने वालों को कई सख्त नियमों का पालन करना पड़ता है।

Hanuman Chalisa Niyam: हनुमान चालीसा पढ़ने वाले भूलकर भी ना करें ये पांच गलतियां, वरना पड़ेगा पछताना

Hanuman Chalisa Niyam: हनुमान चालीसा का पाठ करने वालों को हनुमान का सच्चा भक्त समझा जाता है। ऐसा कहते हैं कि हनुमान चालीसा पढ़ने से जीवन का हर दुख हर संकट दूर हो सकता है। अल्प मृत्यु से लेकर भूत-पिशाच से जुड़ी समस्याएं में हनुमान चालीसा को बहुत महत्वपूर्ण समझा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं हनुमान चालीसा का पाठ करने वालों को कई सख्त नियमों का पालन करना पड़ता है। यदि आप नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं तो आपको पांच बड़ी गलतियां करने से बचना चाहिए। अन्यथा आपके जीवन में बड़ी समस्याएं आ सकती हैं.

पराई स्त्री से दूरी

हनुमान चालीसा का पाठ करने वालों को पराई स्त्री पर बुरी नजर नहीं डालनी चाहिए। यानी अगर आप विवाहित हैं तो आपको कभी किसी पराई स्त्री के साथ संबंध नहीं बनाने चाहिए।

मांस-मदिरा का सेवन
हनुमान चालीसा का पाठ करने वाले हनुमान के भक्तों को शराब या मांस के सेवन से परहेज करना चाहिए। इन चीजों का सेवन करने से हनुमान जी रुष्ट हो जाते हैं।

सूतक काल
परिवार में जब किसी इंसान की मौत हो जाती है तो वहां सूतक काल मान्य रहता है। जब तक ये सूतक काल रहता है, तब तक हमें हनुमान सहित किसी अन्य देवी-देवता की पूजा नहीं करनी चाहिए। इस दौरान मंदिर में भी प्रवेश ना करें।

साफ सफाई
हनुमान जी का साफ-सुथरा वातावरण बहुत प्रिय है। इसलिए कोशिश करें कि घर में हमेशा साफ-सफाई का ख्याल रखा जाए। घर में जहां हनुमान की मूर्ति स्थापित है, वहां भी सफाई का विशेष ख्याल रखें।

बेईमानी और कपटी से दूर
हनुमान चालीसा का पाठ करने वालों को बेईमान और मन में कपट रखने वालों की संगति में रहने से बचना चाहिए। ऐसे लोगों को ईमानदारी के साथ अपना जीवन यापन करना चाहिए।



(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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