Lord Ganesha: जानिए, घर में भगवान गणपति की प्रतिमा किस रंग व दिशा में होनी चाहिए, मिलेंगे कई फायदे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 26, 2022, 08:44 PM IST

Ganesha Murti In House: भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है। घर में भगवान गणेश की मूर्ति रखना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। माना जाता है कि गणेश जी को घर में रखने से सुख और समृद्धि बनी रहती है। भगवान गणेश की मूर्ति को घर में रखने से घर में किसी प्रकार का क्लेश पैदा नहीं होता है।

Lord Ganesha: जानिए, घर में भगवान गणपति की प्रतिमा किस रंग व दिशा में होनी चाहिए, मिलेंगे कई फायदे
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Lord Ganesha Murti Right Direction: हिंदू धर्म में कोई भी शुभ कार्य करने से पहले भगवान गणेश की वंदना की जाती है। हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य माना जाता है। भगवान गणेश को बुद्धि का देवता कहा जाता है। प्रत्येक पूजा पाठ में सबसे पहले भगवान गणेश जी की वंदना करते हैं। माना जाता है कि भगवान गणेश जी की कृपा से व्यक्ति के जीवन से सभी विघ्न दूर हो जाते हैं। साथ में परिवार के सदस्यों को सभी परेशानियों से भी मुक्ति मिलती है। घर के मंदिर में भगवान गणेश की मूर्ति अवश्य रखनी चाहिए। घर में भगवान गणेश की मूर्ति रखना शुभ माना जाता है। भगवान गणेश के कई रंग व अवतार हैं। आइए जानते हैं घर में किस दिशा व रंग की भगवान गणेश की प्रतिमा रखनी चाहिए।

किस रंग की प्रतिमा रखनी चाहिए

भगवान गणेश के प्रत्येक अवतार का रंग अलग अलग है। शिव पुराण के अनुसार भगवान गणेश के शरीर का मुख्य रंग लाल तथा हरा है। इसमें लाल रंग शक्ति और हरा रंग समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। यानी जहां भी गणेश जी की कृपा है, वहां ऊर्जा व समृद्धि हमेशा रहती हैं। वहीं सर्व मंगल की कामना करने वालों के लिए सिंदूरी रंग के गणपति की स्थापना करना चाहिए जबकि धन समृद्धि की चाह रखने वाले पीले रंग की मूर्ति में हरे रंग के उपयोग वाली गणेश जी की मूर्ति घर में रखें। वास्तु शास्त्र के अनुसार सफेद रंग की मूर्ति उन लोगों के लिए है जो शांति चाहते हैं।

इस दिशा में रखें मूर्ति

वास्तु शास्त्र के मुताबिक भगवान गणेश की मूर्ति को घर के उत्तर-पूर्वी में स्थापित करना चाहिए। ऐसा करना शुभ माना जाता है। वहीं भगवान की प्रतिमा की रोज नियमित रूप से पूजा पाठ करनी चाहिए। इससे घर का वास्तु दोष दूर होता है। साथ ही सकारात्मक ऊर्जा भी घर पर बनी रहती है।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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