Idol Of Lord Buddha In House: घर में रखी हर एक चीज का वास्तु से विशेष संबंध है। वास्तु के अनुसार घर में रखी चीजों की दिशा व स्थान हमें शुभ संकेत देता है, इसलिए इनका सही जगह पर होना बेहद जरूरी होता है। इन वस्तुओं का गलत जगह पर रखना परेशानियों का कारण बन सकता है। उसी में से एक है भगवान बुद्ध की प्रतिमा। अक्सर कई लोगों के घरों में सुख शांति समृद्धि के लिए भगवान बुद्ध की प्रतिमा होती है। घर में भगवान की प्रतिमा काफी खूबसूरत भी लगती है। यह घर की शोभा को भी बढ़ाता है। वास्तु शास्त्र व फेंगशुई के अनुसार घर में गौतम बुध की मूर्ति रखना बेहद शुभ माना जाता है, लेकिन भगवान गौतम बुद्ध की मूर्ति घर में रखने से पहले इसकी सही दिशा का खासतौर पर ध्यान रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार भगवान बुद्ध की प्रतिमा गलत स्थान पर रखने पर इसका नकारात्मक प्रभाव भी व्यक्ति के जीवन में पड़ता है। आइए जानते हैं भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा किस स्थान पर रखना शुभ माना जाता है।
मेन गेट पर रखें भगवान बुद्ध की प्रतिमा
अक्सर कुछ लोगों के घरों के बाहर मेन गेट पर आशीर्वाद मुद्रा में भगवान बुद्ध की मूर्ति रखी होती है। यह बेहद शुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार घर के मेन गेट में भगवान बुद्ध की मूर्ति रखने पर किसी भी तरह का दोष घर में नहीं आता है। इसके अलावा विरोधी ताकतें बाहर अंदर नहीं आ पाती है। बुद्धा की रक्षा मुद्रा का अर्थ है, जहां एक हाथ में आशीर्वाद देना है और दूसरा आसपास की रक्षा करना है।
भगवान बुद्ध की प्रतिमा को न रखें जमीन पर
हमेशा याद रखें कि बुद्ध को जमीन से तीन-चार फीट ऊपर रखें। बुद्ध की मूर्ति को कभी भी फर्श व जमीन पर न रखें। फर्श पर बुद्ध की मूर्ति रखना आपके लिए नकारात्मक ऊर्जा का कारण बनता है। वास्तु के अनुसार ऐसा करना बेहद अशुभ माना जाता है।
इस दिशा में रखें
वास्तु के अनुसार पश्चिम की ओर मुंह करके दायीं ओर झुके हुए बुद्ध को रखने से आपके घर में शांति और सकारात्मक ऊर्जा आथी है। अपनी आंतरिक मान्यताओं और मन की स्थिति का प्रतीक होने के लिए इसे एक साफ टेबल या शेल्फ पर रखें। लोग स्वतः ही निर्मल प्रतिमा को देखेंगे, सहज महसूस करेंगे, और आपको एक शांतिपूर्ण माहौल मिलेगा।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

