Swayamvar Parvati Mantra: शादी को लेकर हर कोई सपने संजोग के रखता है। मां बाप की भी इच्छा होती है कि उनके बच्चों की शादी सही समय में और सही व्यक्ति से हो जाएं, लेकिन कई बार देखा जाता है कि कुछ लोगों के विवाह में कई कारणों से देर होती रहती है। इसकी वजह से लोग काफी परेशान रहते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण कुंडली में कई दोष होते हैं। जिस वजह से शादी में विलंब होता रहता है। कई बार शादी की बात चलने पर भी कोई न कोई बाधा आ जाती है। यह पूरे परिवार के लिए चिंता की बात होती है। अगर आपके भी विवाह में देरी हो रही है या पसंदीदा वर नहीं मिल रहा है तो स्वयंवर पार्वती मंत्र का जाप जरूर करें। इस मंत्र का जिक्र पार्वती स्रोत में किया गया है। यह बेहद प्रभावशाली मंत्र होता है। आइए जानते हैं क्या है स्वयंवर पार्वती मंत्र और कैसे माता पार्वती को इस मंत्र की प्राप्ति हुई थी।
ऋषि दुर्वासा ने दिया था माता पार्वती को यह मंत्र
हिंदू पुराणों के अनुसार स्वयंवर पार्वती मंत्र ऋषि दुर्वासा ने माता पार्वती को दिया था। माता पार्वती भगवान शिव को पाने की इच्छा रखी थी। पार्वती की इच्छा इस मंत्र के जाप करने से ही पूरी हुई थी। माता पार्वती को वर के रूप में भगवान भोलेनाथ प्राप्त हुए थे। इस मंत्र को पार्वती स्त्रोत के प्रत्येक श्लोक के पहले अक्षर को जोड़कर बनाया गया है। यह मंत्र बेहद प्रभावशाली मंत्र होता है। ऐसी मान्यता है कि पूरी श्रद्धा से अगर कोई व्यक्ति इस मंत्र का रोजाना जाप करें तो उसका विवाह तुरंत होता है और उसे मनचाहा वर वधु की प्राप्ति होती है। यही नहीं इस मंत्र का जाप करने से विवाहित जीवन भी सुखमय होता है। पति पत्नी के बीच में अनबन खत्म होता है और दांपत्य जीवन से सारी परेशानी कट जाती है।
स्वयंवर पार्वती मंत्र
ॐ ह्रीं योगिनी योगिनी योगेश्वरी योग भयंकरी
सकल स्थावर जंगमस्य मुख हृदयं मम वशं
आकर्षय आकर्षय नमः।।
स्वयंवर पार्वती मंत्र के लाभ
ऋषि दुर्वासा ने यह मंत्र दिया था माता पार्वती को
ऐसे करें इस मंत्र का जाप
इस मंत्र का जाप करने के लिए सुबह उठकर स्नान करने के बाद शिव परिवार की मूर्ति व शिवलिंग के सामने धूप, दीप व जल अर्पित करें। इसके अलावा माता पार्वती को सुहाग का सामान चढ़ाएं और जाप करने से पहले सिर में चुनरी पहन लें। इसके बाद शिवलिंग पर पुष्प, अक्षत, चंदन, बेलपत्र व धतूरा अर्पित करें। इसके बाद महादेव व माता पार्वती के सामने अपनी परेशानी कहकर इसे पूरा करने की प्रार्थना करें। इसके बाद इस मंत्र का जाप शुरू करें। इस मंत्र का जाप 108 बार करना है। सोमवार को अगर इस मंत्र का जाप करेंगे तो यह बेहद लाभकारी होगा।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

