अध्यात्म

Akhuratha Sankashti Chaturthi Aarti: इस आरती के बिना अधूरा है अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का व्रत, पूरी होती है हर मुराद

Akhuratha Sankashti Chaturthi Aarti (अखुरथ संकष्टी चतुर्थी की आरती): आज अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का शुभ दिन है। आज के दिन गणपति बप्पा की पूजा के साथ आरती भी की जाती है। यहां से आप अखुरथ संकष्टी चतुर्थी की आरती के लिरिक्स देख सकते हैं।

Image

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी की आरती (pic credit: canva)

Akhuratha Sankashti Chaturthi Aarti (अखुरथ संकष्टी चतुर्थी की आरती): साल 2025 में पौष माह की संकष्टी चतुर्थी 7 दिसंबर को शाम 6:24 बजे शुरू होकर 8 दिसंबर को शाम 4:03 बजे समाप्त होगी। इस दौरान भक्त बप्पा को प्रसन्न करने की हर मुमकिन कोशिश करते हैं। व्रत रखे जाते हैं और पूजा-पाठ किया जाता है। एक ऐसी आरती भी है, जिसके बिना अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का व्रत अधूरा रह जाता है। यहां हम आपको उसी आरती के बारे में बता रहे हैं। देखें अखुरथ संकष्टी चतुर्थी की आरती लिरिक्स हिंदी में-

गणेश जी की आरती (Ganesh ji ki Aarti)

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी ।

माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा ।

लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया ।

बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

सूर श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी ।

कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

और पढ़ें
End of Article