अध्यात्म

Chanakya Niti: जीवन में जो व्‍यक्ति करते हैं ये खास कर्म, उनके घर में हमेशा वास करती हैं मां लक्ष्‍मी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 23, 2023, 07:41 AM IST

Lakshmi: आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जीवन में खुशहाली धन से आती है और धन मां लक्ष्‍मी की कृपा से। मां लक्ष्‍मी को प्रसन्‍न करके उनकी कृपा पाने के लिए कुछ कार्मों का ध्‍यान रखना बहुत जरूरी है। इन कर्मों के दम पर व्‍यक्ति हमेशा धनवान बना रहता है। उसे कभी किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।

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Chanakya Niti_ जीवन में जो व्_यक्ति करते हैं ये खास कर्म, उसके घर में हमेशा वास करती हैं मां लक्ष्_मी

KEY HIGHLIGHTS
  • जहां होता है पति-पत्‍नी के बीच भरोसा और सम्‍मान, वहां मां लक्ष्‍मी की कृपा
  • दान-धर्म करने वाले घर में हमेशा होता है मां लक्ष्‍मी का वास
  • अतिथि सत्‍कार और गरीब-जरूरतमंदों की मदद करने वालों की मां लक्ष्‍मी करती मदद

Chanakya Niti in Hindi: महान अर्थशास्‍त्री, कूटनीतिज्ञ और राजनीतिज्ञ आचार्य चाणक्‍य ने अपने नीतिशास्‍त्र में जीवन को सफल और सुखद बनाने के कई उपाय बताए हैं। आचार्य के ये उपाय जितना सदियों पहले प्रासंगिक थे, वैसे ही आज भी पूरी तरह से प्रासंगिक हैं। इन उपायों को अपनाकर लोग सफलता और आर्थिक तरक्‍की हासिल कर रहे हैं। आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि, बेहतर जीवन के लिए धन का होना अति आवश्‍यक है। इसके बगैर जीवन यापन करना बहुत मुश्किल भरा सफर हो सकता है। आचार्य कहते हैं कि, धन की देवी मां लक्ष्‍मी ऐसे लोगों के घर में ही वास करती हैं, जो जीवन के कुछ खास कर्मो का ध्‍यान रखते हैं। आइए जानते हैं कि जीवन के किन कर्मो को करने पर मां लक्ष्‍मी हमेशा कृपा बरसाती हैं।

भरोसा और सम्‍मान

आचार्य कहते हैं कि मां लक्ष्‍मी ऐसे घर में हमेशा वास करती हैं, जहां पर पति-पत्नी एक दूसरे पर भरोसा करने के साथ एक-दूसरे का सम्‍मान करते हों। ऐसे घर में बरकत होती रहती है और ये घर स्‍वर्ग से कम नहीं होता। वहीं जिस घर में पति-पत्‍नी आपसे में झगड़ते रहते हैं, वहां पर मां लक्ष्‍मी कभी वास नहीं करती।

दान-धर्म

चाणक्‍य कहते हैं कि जिन घरों में आय का कुछ हिस्‍सा दान-धर्म में खर्च किया जाता है, वहां पर कभी भी धन-दौलत की कमी नहीं होती है। ऐसे घर पर मां लक्ष्‍मी की कृपा से हमेशा धन वर्षा होती रहती है। आचार्य कहते हैं कि धन का सबसे अच्‍छा उपयोग दान और धर्म में लगाना।

अतिथि सत्‍कार

आचार्य कहते है कि ऐसे घरों में मां लक्ष्‍मी हमेशा वास करती हैं, जहां पर अतिथि का सत्‍कार होता है। जो लोग घर आए लोगों की सेवा करते हैं और गरीब-जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, उनकी मदद मां लक्ष्‍मी करती हैं। ऐसे लोग हमेशा धनवार बने रहते हैं। इनके पूरे परिवार पर मां लक्ष्‍मी हमेशा मेहरबान रहती हैं।

शिक्षा और गुरुओं का सम्‍मान

आचार्य कहते हैं कि जिन घरों में शिक्षा, ज्ञान, गुरुओं और साधु-संतों का सम्‍मान होता है। जहां पर बातचीत में अच्‍छी वाणी का उपयोग होता है और सत्‍संग होता है। वहां पर मां लक्ष्‍मी की कृपा हमेशा बनी रहती है। ऐसे लोग मुश्किल हालात को भी अपने ज्ञान और गुरुओं व साधु-संतों की कृपा से आसानी से पार कर लेते हैं।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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