अध्यात्म

आज क्या है 18 मार्च 2026, आज कौन सा व्रत है, जानें आज की तिथि, आज अमावस्या है क्या, अमावस्या का व्रत कैसे करना है

aaj kya hai 18 march 2026, आज अमावस्या है क्या (Is Amavasya Today): भारतीय संस्कृति में हर दिन का अपना धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है। इसलिए आपको दिन के बारे में सही जानकारी होना जरूरी है। आज हम 18 मार्च 2026 को बुधवार का दिन है। आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि भी लग रही है। आगे जानें अमावस्या का व्रत कब और कैसे करना है।

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आज क्या है, आज अमावस्या है या नहीं?

aaj kya hai 18 march 2026, आज अमावस्या है क्या (Is Amavasya Today): भारतीय संस्कृति में हर दिन का अपना धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है। पंचांग के अनुसार तिथि, वार और नक्षत्र के आधार पर लोग अपने दैनिक कार्यों और पूजा-पाठ की योजना बनाते हैं। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि आज कौन सा व्रत है, आज की तिथि क्या है, क्या आज अमावस्या है? अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि 18 मार्च 2026 को अमावस्या का व्रत रखा जाएगा या नहीं और इसकी पूजा कैसे करनी चाहिए, तो यहां पढ़ें अमावस्या व्रत की सही डेट और पूजा विधि।

आज 18 मार्च 2026 की तिथि क्या है?

हिंदू पंचांग के अनुसार 18 मार्च 2026, बुधवार का दिन है। इस दिन चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि मनाई जा रही है। यह तिथि अमावस्या से ठीक एक दिन पहले आती है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व भी काफी ज्यादा होता है।

कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को कई लोग विशेष रूप से भगवान शिव की आराधना के लिए शुभ मानते हैं। इस दिन पूजा-पाठ, व्रत, ध्यान और दान करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

क्या आज 18 मार्च 2026 को अमावस्या है?

जी हां, 18 मार्च 2026 को अमावस्या तिथि है। चैत्र मास की अमावस्या आज यानी 18 मार्च 2026 को है। पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र अमावस्या की शुरुआत 18 मार्च 2026 को सुबह 8 बजकर 25 मिनट पर होगी और इसका समापन 19 मार्च की सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगा। क्योंकि हिंदू धर्म में उदया तिथि का महत्व होता है, लेकिन अमावस्या, पूर्णिमा या वह त्योहार जिनकी पूजा रात में होती है, उन त्योहारों को उसी तारीख में मनाया जाता है, जब वह तिथि प्रभावी हो।

हालांकि अमावस्या से पहले आने वाली चतुर्दशी तिथि भी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन कई लोग भगवान शिव और अपने कुल देवता की पूजा करते हैं तथा आने वाली अमावस्या के लिए भी तैयारी करते हैं।

अमावस्या व्रत और पूजा का महत्व

हिंदू धर्म में व्रत और उपवास को आत्मसंयम और आध्यात्मिक साधना का माध्यम माना गया है। व्रत रखने से मन और शरीर दोनों शुद्ध होते हैं और व्यक्ति अपने भीतर सकारात्मक ऊर्जा महसूस करता है। अमावस्या तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन स्नान-दान व विधि विधान के साथ पूजा करने पर घर में सुख शांति बनी रहती है तो पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है।

कई लोग इस दिन दान-पुण्य भी करते हैं, जैसे जरूरतमंदों को भोजन देना, गाय को चारा खिलाना या मंदिर में दीपदान करना। ऐसा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आने की मान्यता है।

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गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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