आज गुरुवार यानी 14 मई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। कई लोग जानना चाहते हैं कि आज प्रदोष व्रत है क्या, आज कौन-सी तिथि चल रही है, त्रयोदशी है या चतुर्दशी, और आज कौन-सा व्रत रखा जाएगा। यहां आपको आज के दिन की पूरी और सटीक जानकारी सरल भाषा में मिल जाएगी।
14 मई 2026 को क्या है
हिंदू पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज भगवान शिव को समर्पित गुरु प्रदोष व्रत (Guru Pradosh Vrat 2026) रखा जा रहा है। गुरुवार के दिन पड़ने के कारण इसे गुरु प्रदोष कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
14 मई 2026 को प्रदोष व्रत है क्या
जी हां, आज 14 मई 2026 को गुरु प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। प्रदोष व्रत हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। आज का प्रदोष भगवान शिव की कृपा पाने के लिए बेहद शुभ माना गया है।
आज त्रयोदशी है या चतुर्दशी
आज सुबह तक द्वादशी तिथि है, जिसके बाद सुबह 11:20 बजे से त्रयोदशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इसलिए उदया तिथि और प्रदोष काल के आधार पर आज त्रयोदशी तिथि मानी जाएगी। चतुर्दशी तिथि का आरंभ अगले दिन होगा।
तेरस कब है (Teras Kab Hai)
आज सुबह 11:20 बजे तक द्वादशी तिथि है, जिसके बाद त्रयोदशी (तेरस) तिथि प्रारंभ हो जाएगी। यदि आप उदयातिथि को मानते हैं तो आपके लिए तेरस (त्रियोदशी) कल यानी 15 मई को रहेगी।आज कौन सा व्रत रखा जाएगा
आज शिव भक्त गुरु प्रदोष व्रत रख रहे हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत को करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति के जीवन से रोग, दोष, कर्ज और मानसिक तनाव दूर होते हैं। गुरु प्रदोष विशेष रूप से धन, सुख और वैवाहिक जीवन के लिए शुभ माना जाता है।
आज के दिन भगवान शिव की पूजा कैसे करें
आज शाम प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है। पूजा के दौरान शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और सफेद फूल अर्पित करें। 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें और शिव आरती करें। कई भक्त आज व्रत रखकर शाम को प्रदोष काल में पूजा के बाद फलाहार ग्रहण करते हैं।
14 मई 2026 का पारण और प्रदोष काल
अपरा एकादशी व्रत का पारण आज सुबह किया जाना है। पारण का समय सुबह 5:31 बजे से 8:13 बजे तक है। आज द्वादशी तिथि आज सुबह 11:20 बजे तक रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी शुरू हो जाएगी।
14 मई 2026 के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 4:07 बजे से 4:49 बजे तक
- प्रातः संध्या – सुबह 4:28 बजे से 5:31 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11:51 बजे से 12:45 बजे तक
- विजय मुहूर्त – दोपहर 2:33 बजे से 3:27 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त – शाम 7:03 बजे से 7:24 बजे तक
- अमृत काल – शाम 7:41 बजे से रात 9:13 बजे तक
- निशिता मुहूर्त – रात 11:56 बजे से 12:38 बजे तक
आज 14 मई 2026 को क्या करना शुभ होगा?
आज के दिन भगवान शिव का अभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप, रुद्राभिषेक और गरीबों को दान करना बेहद शुभ माना गया है। शिव मंदिर में दीपक जलाना और बेलपत्र अर्पित करना विशेष पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से 14 मई 2026 का दिन भगवान शिव की आराधना, संयम और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा बेहद खास दिन माना जा रहा है।
