अध्यात्म

आज क्या है 1 अप्रैल 2026, क्या आज पूर्णिमा है, आज कौन सा व्रत है, क्या आज ग्रहण लगेगा

आज अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, 01 अप्रैल 2026 की तारीख है और आज बुधवार है। वहीं हिंदी पंचांग के साथ आज के दिन दो तिथियों का मेल है। सुबह चैत्र शुक्ल की चतुर्दशी है और उसके बाद पूर्णिमा लग जाएगी। यहां से जानें कि आज कौन सी तिथि सही मानी जाएगी, चैत्र पूर्णिमा आज रहेगी या कल, चैती पूर्णिमा का व्रत कब रखा जाएगा और आज का दिन विशेष क्या है।

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आज क्या है 1 अप्रैल 2026 को - देखें विस्तार से जानकारी

हिंदू पंचांग के अनुसार 1 अप्रैल 2026, बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद विशेष माना जा रहा है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष में आने वाला यह दिन पूर्णिमा तिथि से जुड़ा है, इसलिए श्रद्धालुओं के बीच आज की तिथि को लेकर विशेष उत्सुकता बनी हुई है। आइए जानते हैं कि आज कौन-सी तिथि है, क्या आज पूर्णिमा है, कौन-सा व्रत रखा जाएगा और क्या आज कोई ग्रहण भी लगेगा।

आज क्या है 1 अप्रैल 2026

पंचांग गणना के अनुसार 1 अप्रैल 2026 को सूर्योदय के समय चैत्र शुक्ल चतुर्दशी तिथि चल रही थी, जो सुबह लगभग 07:06 बजे तक रहेगी। इसके बाद पूर्णिमा तिथि का आरंभ होगा। इसलिए धार्मिक मान्यता के अनुसार आज से ही चैत्र पूर्णिमा व्रत का महत्व शुरू हो जाता है। तो आज एक अप्रैल की जानकारी इस तरह है कि -

  • आज कौन सा वार है: बुधवार
  • अभी कौन सा मास है : चैत्र मास
  • आज कौन सा पक्ष चल रहा है : शुक्ल पक्ष
  • आज कौ सी तिथि है : सुबह 07:06 बजे तक चतुर्दशी, फिर पूर्णिमा

क्या आज 01 अप्रैल को पूर्णिमा है

अगर आप तिथियों नहीं समझ पा रहे हैं तो इसे यहां समझें कि आज चैत्र पूर्णिमा की शुरुआत हो रही है।

पूर्णिमा तिथि का समय इस प्रकार है-

  • चैत्र पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 1 अप्रैल 2026, सुबह 07:06 बजे
  • चैत्र पूर्णिमा तिथि समाप्त: 2 अप्रैल 2026, सुबह 07:41 बजे

इसी कारण कई पंचांगों में व्रत-पूजन 1 अप्रैल से प्रारंभ होकर 2 अप्रैल को पूर्णिमा पर्व एवं हनुमान जयंती के रूप में मनाया जाएगा। बता दें कि चैत्र पूर्णिमा को वर्ष की अत्यंत पुण्यदायी पूर्णिमाओं में गिना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु, चंद्रदेव, सत्यनारायण भगवान और भगवान हनुमान की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।

आज 1 अप्रैल को कौन सा व्रत है

धार्मिक मान्यता के अनुसार पूर्णिमा व्रत करने वाले भक्त आज से व्रत आरंभ कर सकते हैं और चंद्र दर्शन के समय पूजा करना श्रेष्ठ माना गया है।

आज की पूजा के प्रमुख शुभ समय

  • पूर्णिमा पूजन आरंभ: सुबह 07:06 बजे के बाद
  • चंद्र दर्शन एवं पूजा: शाम के समय (चंद्रोदय के बाद)
  • व्रत पारण: 2 अप्रैल 2026, सुबह पूर्णिमा तिथि समाप्ति से पहले

पूर्णिमा पर स्नान-दान, दीपदान, सत्यनारायण कथा और जरूरतमंदों को अन्न दान विशेष पुण्य देता है। हालांकि बता दें कि पूर्णिमा की उदया तिथि कल होने के नाते कई भक्त 2 अप्रैल को चैत पूर्णिमा का व्रत करेंगे। उदया तिथि को देखते हुए ही हनुमान जयंती भी कल यानी 2 अप्रैल को मनाई जाएगी।

क्या आज एक अप्रैल को ग्रहण लगेगा

चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा तिथि पर ही लगता है। इसलिए लोग यह जानने को उत्सुक रहते हैं कि आज की पूर्णिमा पर कोई ग्रहण है या नहीं। तो बता दें कि एक अप्रैल को जो पूर्णिमा का चांद दिखेगा, वह ग्रहण रहित है। यानी एक अप्रैल 2026 को कोई सूर्य या चंद्र ग्रहण नहीं लग रहा है। इस दिन सामान्य रूप से पूजा, व्रत, यात्रा और शुभ कार्य किए जा सकते हैं।

आज एक अप्रैल बुधवार को कौन सा व्रत करें

बुधवार का दिन भगवान गणेश जी को समर्पित माना जाता है, इसलिए इस दिन गणेश व्रत रखना शुभ माना जाता है। भक्त सुबह स्नान कर हरे वस्त्र धारण करके गणपति की पूजा करते हैं और दूर्वा, मोदक तथा लड्डू अर्पित करते हैं। बुधवार व्रत करने से बुद्धि, व्यापार, शिक्षा और धन संबंधी बाधाएँ दूर होती हैं। इस दिन हरी मूंग, हरी सब्जी या फलाहार का सेवन करना श्रेष्ठ माना जाता है। कई लोग लगातार 7 या 21 बुधवार तक व्रत रखते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से किया गया बुधवार व्रत जीवन में सफलता और शुभ फल लाता है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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