Aaj Puja ka time Kya Hai (आज का पूजा मुहूर्त 9 अप्रैल 2026): हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। आज वैशाख कृष्ण सप्तमी की तिथि है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से श्रीहरि विष्णु की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि, वैवाहिक सौभाग्य और आर्थिक स्थिरता का आशीर्वाद मिलता है। 9 अप्रैल 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद शुभ माना जा रहा है। अगर आप आज व्रत, पूजा या विशेष आराधना करने की योजना बना रहे हैं, तो यहां से सही मुहूर्त देख सकते हैं।
आज सुबह का शुभ पूजा मुहूर्त 9 अप्रैल 2026 को
गुरुवार के दिन सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा करना सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। आज सुबह पूजा का उत्तम समय सुबह 6:15 बजे से 9:30 बजे तक रहेगा।
इस समय घर के मंदिर में पीले फूल, हल्दी, चने की दाल और तुलसी दल अर्पित कर पूजा करें। यदि संभव हो तो पीले वस्त्र धारण करें और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। मान्यता है कि इस समय की गई पूजा से गुरु दोष शांत होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
आज शाम की पूजा का शुभ समय 9 अप्रैल 2026 को
जो लोग सुबह पूजा नहीं कर पाते, वे संध्या समय भगवान विष्णु की आराधना कर सकते हैं। आज शाम का शुभ मुहूर्त शाम 5:45 बजे से 7:15 बजे तक रहेगा। संध्या आरती के दौरान दीपक जलाकर विष्णु चालीसा या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना शुभ माना जाता है। इस समय की गई प्रार्थना मानसिक शांति और परिवार में सौहार्द बढ़ाने वाली मानी जाती है।
आज सूर्योदय व सूर्यास्त कब होंगे 9 अप्रैल 2026
आज वैशाख कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि का प्रभाव रहेगा। दिन गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु की पूजा, केले के पेड़ की आराधना और विष्णु सहस्रनाम का पाठ विशेष फलदायी माना गया है। आज सूर्योदय सुबह लगभग 5:59 बजे पर होगा। वहीं सूर्यास्त का समय शाम लगभग 6:39 बजे का रहेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक का समय पूजा-पाठ और जप-तप के लिए शुभ रहता है, लेकिन कुछ विशेष मुहूर्तों में पूजा करने से फल कई गुना बढ़ जाता है।
गुरुवार को विष्णु पूजा की सरल विधि
सुबह स्नान करके घर के मंदिर की सफाई करें और भगवान विष्णु या श्रीहरि की तस्वीर या मूर्ति के सामने दीपक जलाएं। भगवान को पीले पुष्प, तुलसी दल, केला या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। इसके बाद विष्णु मंत्र या श्रीसूक्त का पाठ करें।
गुरुवार को नमक रहित भोजन करना, पीली वस्तुओं का दान देना और जरूरतमंदों की सहायता करना भी अत्यंत शुभ माना गया है। इससे बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है और जीवन में स्थिरता आती है।
आज की पूजा क्यों विशेष रहेगी
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरुवार का संबंध ज्ञान, धर्म, विवाह और धन से जुड़ा हुआ है। इसलिए इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं, करियर में प्रगति मिलती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
