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20 अक्टूबर का पंचांग, दीपावली पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है, कितने बजे करें दिवाली पूजा

20 October Diwali Ka Panchang (दीपावली पर लक्ष्मी पूजा का समय) : आज दीपावली का पर्व है। आज के दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है। शुभ काल में किया गए पूजन से माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है। आइए पंचांग से जानते हैं कि आज लक्ष्मी पूजा का समय क्या है।

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20 अक्टूबर 2025 दीपावली का पूजन मुहूर्त

20 October Diwali Ka Panchang (दीपावली पर लक्ष्मी पूजा का समय) : आज दीपावली का पर्व है। दोपहर 3 बजकर 44 मिनट के बाद कार्तिक मास की अमावस्या लग जाएगी। इसके साथ ही रात 8 बजकर 17 तक हस्त नक्षत्र रहेगा। इसके बाद चित्रा लग जाएगा। आज माता लक्ष्मी और गणेश का पूजन किस समय पर किया जाएगा, यह आप पंचांग से जान सकते हैं। शुभ समय पर किए गए कार्य के सफल होने की संभावना काफी अधिक होती है।

सूर्योदय, सूर्यास्त, चन्द्रोदय और चन्द्रास्त

  • सूर्योदय: सुबह 06:25
  • सूर्यास्त: शाम 05:46
  • चन्द्रोदय: सुबह 06:06 (21 अक्टूबर)
  • चन्द्रास्त: शाम 05:01

आज का पंचांग

  • तिथि: कृष्ण चतुर्दशी - दोपहर 03:44 तक, उसके बाद कृष्ण अमावस्या
  • नक्षत्र: हस्त - रात 08:17 तक, उसके बाद चित्रा
  • योग: वैधृति - रात 02:35 (21 अक्टूबर) तक, उसके बाद विष्कम्भ
  • करण: शकुनि - दोपहर 03:44 तक, उसके बाद चतुष्पाद - सुबह 04:47 (21 अक्टूबर) तक, उसके बाद नाग
  • वार: सोमवार
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • विक्रम सम्वत: 2082 कालयुक्त
  • शक सम्वत: 1947 विश्वावसु
  • गुजराती सम्वत: 2081 नल
  • बृहस्पति संवत्सर: कालयुक्त - दोपहर 03:07 (25 अप्रैल 2025) तक, उसके बाद सिद्धार्थी
  • चन्द्रमास: कार्तिक (पूर्णिमान्त), आश्विन (अमान्त)
  • प्रविष्टे/गते: 4
  • चन्द्र राशि: कन्या
  • सूर्य राशि: तुला
  • सूर्य नक्षत्र: चित्रा
  • नक्षत्र पद:
  • हस्त - सुबह 07:01 तक (दूसरा पद)
  • हस्त - दोपहर 01:38 तक (तीसरा पद)
  • हस्त - रात 08:17 तक (चौथा पद)
  • चित्रा - रात 02:56 (21 अक्टूबर) तक (पहला पद)
  • चित्रा (दूसरा पद)
  • सूर्य नक्षत्र पद: चित्रा - रात 10:26 तक (तीसरा पद), उसके बाद चित्रा (चौथा पद)
  • द्रिक ऋतु: शरद
  • वैदिक ऋतु: शरद
  • द्रिक अयन: दक्षिणायण
  • वैदिक अयन: दक्षिणायण
  • दिनमान: 11 घंटे 21 मिनट 26 सेकंड
  • रात्रिमान: 12 घंटे 39 मिनट 11 सेकंड
  • मध्याह्न: दोपहर 12:06
  • 20 अक्टूबर दीपावली के दिन का शुभ मुहूर्त

    • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:44 से सुबह 05:34
    • प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:09 से सुबह 06:25
    • अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 से दोपहर 12:28
    • विजय मुहूर्त: दोपहर 01:59 से दोपहर 02:45
    • गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:46 से शाम 06:12
    • सायाह्न सन्ध्या: शाम 05:46 से रात 07:02
    • अमृत काल: दोपहर 01:40 से दोपहर 03:26
    • निशिता मुहूर्त: रात 11:41 से रात 12:31 (21 अक्टूबर)

    20 अक्टूबर दीपावली के दिन का अशुभ मुहूर्त

    • राहुकाल: सुबह 07:50 से सुबह 09:15
    • यमगण्ड: सुबह 10:40 से दोपहर 12:06
    • आडल योग: सुबह 06:25 से रात 08:17
    • दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:28 से दोपहर 01:14, और दोपहर 02:45 से दोपहर 03:30
    • गुलिक काल: दोपहर 01:31 से दोपहर 02:56
    • वर्ज्य: सुबह 05:11 (21 अक्टूबर) से सुबह 06:57 (21 अक्टूबर)
    • बाण: अग्नि - दोपहर 02:23 तक

    आनन्दादि योग, तमिल योग, जीवनम, निवास और शूल

    • आनन्दादि योग: वज्र - रात 08:17 तक (अशुभ), उसके बाद मुद्गर (अशुभ)
    • तमिल योग: मरण - रात 08:17 तक, उसके बाद मरण
    • जीवनम: निर्जीव
    • नेत्रम: नेत्रहीन
    • होमाहुति: केतु - रात 08:17 तक, उसके बाद सूर्य
    • दिशा शूल: पूर्व
    • चन्द्र वास: दक्षिण
    • अग्निवास: पृथ्वी - दोपहर 03:44 तक, उसके बाद आकाश
    • राहु वास: उत्तर-पश्चिम
    • कुम्भ चक्र: कण्ठ - रात 08:17 तक (शुभ), उसके बाद मुंह (अशुभ)
    • शिववास: श्मशान में - दोपहर 03:44 तक, उसके बाद गौरी के साथ

    दीपावली लक्ष्मी पूजन मुहूर्त

    दीपावली पर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और मां सरस्वती की पूजा प्रदोष काल में की जाती है, जब स्थिर लग्न (वृषभ लग्न) चल रहा हो। यह समय घर में समृद्धि और सुख लाने के लिए सबसे शुभ माना जाता है। नई दिल्ली के अनुसार शुभ मुहूर्त क्या हैं।

      मुख्य लक्ष्मी पूजन मुहूर्त:
    • समय: शाम 07:08 से रात 08:18
    • अवधि: लगभग 1 घंटा 10 मिनट
  • प्रदोष काल: शाम 05:46 से रात 08:18
  • वृषभ काल (वृषभ लग्न): शाम 07:08 से रात 09:03
  • यह मुहूर्त प्रदोष काल और वृषभ लग्न के संयोग पर आधारित है। इस समय पूजा करने से मां लक्ष्मी घर में स्थायी रूप से वास करती हैं।

      स्थिर लग्न मुहूर्त:
    • कुम्भ लग्न: दोपहर 03:44 से दोपहर 04:07
    • वृषभ लग्न: शाम 07:08 से रात 09:03
  • महानिशिथ काल मुहूर्त:
    • समय: रात 11:41 से रात 12:31 (21 अक्टूबर)
    • यह समय तांत्रिक या विशेष पूजा के लिए उपयुक्त है, लेकिन सामान्य लोगों के लिए प्रदोष काल ही सबसे अच्छा है।
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    Mohit Tiwari
    मोहित तिवारीauthor

    मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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