Aaj Ka Panchang: 08 नवंबर 2025, शनिवार का दिन, हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि से शुरू होगा, जो सुबह 7 बजकर 32 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होगी। इस कारण आज गणाधिप संकष्टी चतुर्थी का पर्व मनाया जा रहा है। यह दिन मार्गशीर्ष मास का महत्वपूर्ण दिन है और आध्यात्मिक कार्यों के लिए शुभ है।
आपको आज किस समय पर शुभ कार्य करना चाहिए, यह आप पंचांग से जान सकते हैं। आज नक्षत्र मृगशिरा रात 10 बजकर 2 मिनट तक रहेगा, फिर आर्द्रा नक्षत्र प्रभावी होगा। योग में शिव शाम 6 बजकर 32 मिनट तक रहेगा, इसके बाद सिद्ध योग शुरू होगा। करण में विष्टि सुबह 7 बजकर 32 मिनट तक, बव शाम 5 बजकर 54 मिनट तक, बालव 09 नवंबर सुबह 4 बजकर 25 मिनट तक और कौलव 09 नवंबर सुबह 4 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। पंचांग के माध्यम से आप दिन के शुभ और अशुभ काल का पता लगा सकते हैं।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य आज सुबह 6 बजकर 38 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 31 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा शाम 7 बजकर 59 मिनट पर उदय होगा और 09 नवंबर सुबह 9 बजकर 49 मिनट पर अस्त होगा। दिन की अवधि 10 घंटे 52 मिनट 50 सेकंड रहेगी, जबकि रात की अवधि 13 घंटे 07 मिनट 55 सेकंड होगी। मध्याह्न दोपहर 12 बजकर 5 मिनट पर होगा।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
आज की तिथि कृष्ण तृतीया सुबह 7 बजकर 32 मिनट तक रहेगी, इसके बाद कृष्ण चतुर्थी शुरू होगी। नक्षत्र मृगशिरा रात 10 बजकर 2 मिनट तक रहेगा, फिर आर्द्रा नक्षत्र लगेगा। मृगशिरा का पहला पाद सुबह 11 बजकर 14 मिनट तक, दूसरा पाद दोपहर 4 बजकर 37 मिनट तक और तीसरा पाद रात 10 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। आर्द्रा नक्षत्र 09 नवंबर सुबह 3 बजकर 29 मिनट तक प्रभावी रहेगा। योग में शिव शाम 6 बजकर 32 मिनट तक रहेगा, फिर सिद्ध योग शुरू होगा। करण में विष्टि सुबह 7 बजकर 32 मिनट तक, बव शाम 5 बजकर 54 मिनट तक, बालव 09 नवंबर सुबह 4 बजकर 25 मिनट तक और कौलव 09 नवंबर सुबह 4 बजकर 25 मिनट तक रहेगा।
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा, फिर सिद्धार्थी शुरू होगा। चंद्र मास मार्गशीर्ष पूर्णिमांत में है, जबकि अमांत में कार्तिक है। प्रविष्टे/गते 23 है।
राशि और नक्षत्र
चंद्र राशि वृषभ सुबह 11 बजकर 14 मिनट तक रहेगी, फिर मिथुन में प्रवेश करेगा। सूर्य राशि तुला में है और सूर्य विशाखा नक्षत्र में पूरे दिन रहेगा। मृगशिरा और आर्द्रा नक्षत्र खोज, नई शुरुआत और परिवर्तन की ऊर्जा देंगे।
ऋतु और अयन
ऋतु शरद (वैदिक) और हेमंत (द्रिक) है। अयन दक्षिणायन है। मौसम ठंडा रहेगा, रात में ठंडक बढ़ सकती है।
08 नवंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:53 से 5:46 बजे तक (ध्यान और पूजा के लिए उत्तम)
- प्रातः संध्या: सुबह 5:20 से 6:38 बजे तक (स्पिरिचुअल कार्यों के लिए शुभ)
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 से दोपहर 12:26 बजे तक (महत्वपूर्ण कार्यों के लिए फेवरेबल)
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:53 से 2:37 बजे तक (नए काम शुरू करने के लिए अच्छा)
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:31 से 5:57 बजे तक (पूजा और फैमिली टाइम के लिए शुभ)
- सायाह्न संध्या: शाम 5:31 से 6:50 बजे तक (भक्ति कार्यों के लिए बेस्ट)
- निशिता मुहूर्त: रात 11:39 बजे से 09 नवंबर सुबह 12:31 बजे तक (रात के पूजा के लिए अच्छा)
- अमृत काल: दोपहर 2:09 से 3:35 बजे तक (शुभ कार्यों के लिए अनुकूल)
08 नवंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 9:21 से 10:43 बजे तक (बड़े फैसले या नए काम से बचें)
- यमगण्ड: दोपहर 1:26 से 2:48 बजे तक (जोखिम भरे कामों से बचें)
- गुलिक काल: सुबह 6:38 से 8:00 बजे तक (सावधानी बरतें)
- दुर्मुहूर्त: सुबह 6:38 से 7:22 बजे तक, 7:22 से 8:05 बजे तक और 09 नवंबर सुबह 5:45 से 7:13 बजे तक (काम शुरू करने से बचें)
- बाण: रज दोपहर 2:51 बजे से पूर्ण रात्रि तक
- भद्रा: सुबह 6:38 से 7:32 बजे तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में वज्र रात 10 बजकर 2 मिनट तक रहेगा, फिर मुद्गर शुरू होगा। तमिल योग में मरण रात 10 बजकर 2 मिनट तक रहेगा, फिर मरण शुरू होगा। जीवनम में पूर्ण जीवन और नेत्रम में दो नेत्र रहेगा।
निवास और शूल
होमाहुति मंगल को पूरे दिन दी जाएगी। दिशा शूल पूर्व दिशा में है, इस दिशा में यात्रा से बचें। चंद्र वास दक्षिण सुबह 11 बजकर 14 मिनट तक, फिर पश्चिम रहेगा। अग्निवास पाताल सुबह 7 बजकर 32 मिनट तक, फिर पृथ्वी पर रहेगा। भद्रावास स्वर्ग सुबह 7 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। राहु वास पूर्व में रहेगा। शिववास क्रीड़ा में सुबह 7 बजकर 32 मिनट तक, फिर गर्भ में रहेगा। कुंभ चक्र उत्तर रात 10 बजकर 2 मिनट तक, फिर कैलाश पर 09 नवंबर सुबह 4 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। नंदी पर रहेगा।
