आज का पंचांग 8 January 2026 (गुरुवार): आज माघ मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी 9 जनवरी सुबह 7 बजकर 5 मिनट तक रहेगी, फिर सप्तमी लग जाएगी। नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक रहेगा, फिर उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा सिंह राशि में शाम 6 बजकर 39 मिनट तक रहेगा, उसके बाद कन्या राशि में प्रवेश करेगा। योग सौभाग्य शाम 5 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। करण गर शाम 6 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। आज रवि योग दोपहर 12 बजकर 24 मिनट से 9 जनवरी सुबह 7 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। यह शुभ योग है।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 41 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा रात 10 बजकर 53 मिनट पर उदय होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 25 मिनट 26 सेकंड और रात की 13 घंटे 34 मिनट 37 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
कृष्ण षष्ठी 9 जनवरी सुबह 7:05 तक, फिर कृष्ण सप्तमी। नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी दोपहर 12:24 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी। करण वणिज 9 जनवरी सुबह 7:05 तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास माघ (पूर्णिमांत), पौष (अमान्त)। प्रविष्टे/गते 24।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु हेमंत, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन दक्षिणायन।
8 जनवरी का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:26 से 6:21 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:54 से 7:15 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:07 से 12:49 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:12 से 2:54 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:38 से 6:05 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:41 से 7:02 बजे तक
- अमृत काल: 9 जनवरी सुबह 6:06 से 7:47 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: 9 जनवरी रात 12:01 बजे से सुबह 12:55 तक
- रवि योग: दोपहर 12:24 से 9 जनवरी सुबह 7:15 बजे तक
8 जनवरी का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 1:46 से 3:04 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 7:15 से 8:33 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 9:52 से 11:10 बजे तक
- आडल योग: दोपहर 12:24 से 9 जनवरी सुबह 7:15 बजे तक
- विडाल योग: सुबह 7:15 से दोपहर 12:24 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 10:44 से 11:25 बजे तक
- वर्ज्य: शाम 7:59 से 9:40 बजे तक और दोपहर 2:54 से 3:36 बजे तक
- बाण: चोर – शाम 5:53 से पूरी रात तक
- भद्रा: 9 जनवरी सुबह 7:05 से 7:15 बजे तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में गद दोपहर 12:24 तक, फिर मातंग। तमिल योग में मरण दोपहर 12:24 तक, फिर अमृत। जीवनम में निर्जीव, नेत्रम में दो नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति गुरु को। दिशा शूल दक्षिण दिशा में – दक्षिण की यात्रा टालें। अग्निवास पृथ्वी में। चंद्र वास शाम 6:39 तक पूर्व में, फिर दक्षिण में। भद्रावास 9 जनवरी सुबह 7:05 से पाताल में। राहु वास दक्षिण, कुंभ चक्र गर्भ में।
आज पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और चंद्रमा सिंह में होने से साहस, रचनात्मकता और नेतृत्व बढ़ेगा। गुरुवार होने से गुरु जी को पीले वस्त्र-चने की दाल चढ़ाएं, विष्णु सहस्रनाम पढ़ें और पीले फल दान करें। सारे कार्य सिद्ध होंगे।
