अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 8 April 2025: पंचांग से जानें चैत्र शुक्ल पक्ष की एकादशी त‍िथि के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशा शूल

Aaj Ka Panchang 8 April 2025 (आज का पंचांग 8 अप्रैल 2025): मंगलवार का दिन हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। ये दिन मंगल ग्रह और भगवान हनुमान को समर्पित होता है। ज्योतिष शास्‍त्र के अनुसार, मंगल ग्रह ऊर्जा, साहस, और युद्ध का प्रतीक है। इस ग्रह को शांत करने के लिए मंगलवार का व्रत, हनुमान चालीसा का पाठ, और दान-पुण्‍य क‍िया जाता है। ऐसे में आज की तिथि‍ से जुड़ी अधिक जानकारी को जानने के ल‍िए यहां देखें आज का पंचांग।

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Aaj Ka Panchang 8 April 2025

Aaj Ka Panchang 8 April 2025 (आज का पंचांग 8 अप्रैल 2025): मंगलवार का दिन सनातन धर्म और ज्योतिष में अत्यंत ही पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है। ये दिन मुख्य रूप से भगवान हनुमान को समर्पित होता है, जो शक्ति, भक्ति और न‍िष्‍ठा के प्रतीक हैं। इस दिन को लेकर मान्यता है कि जो भी व्यक्ति सच्चे मन से हनुमान जी की पूजा करता है उसके सभी भय और कष्ट दूर हो जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र में मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से है, जो साहस, पराक्रम, युद्ध और ऊर्जा का कारक है। मंगल ग्रह को क्रूर ग्रह भी माना जाता है, और इसकी अशुभ स्थिति व्यक्ति के जीवन में संघर्ष, दुर्घटनाएं और मानसिक तनाव ला सकती है। इसी कारण से इसे शांत करने के लिए मंगलवार को विशेष उपाय किए जाते हैं जैसे क‍ि व्रत रखना, हनुमान चालीसा पढ़ना, और हनुमान मंदिर में लाल चोला चढ़ाना। मंगलवार को विशेष रूप से ब्रह्मचर्य का पालन करने, लाल रंग के वस्त्र पहनने, और मसूर की दाल, गुड़, या लाल चंदन का दान करने की परंपरा है। ऐसे में यहां पढ़ें 8 अप्रैल 2025 का पंचांग।

आज का पंचांग 8 अप्रैल 2025 (Aaj Ka Panchang 8 April 2025)

  • संवत - पिङ्गला विक्रम संवत 2081
  • माह - चैत्र
  • तिथि - चैत्र माह शुक्ल पक्ष एकादशी
  • पर्व - महा व्रत एकादशी
  • दिवस - मंगलवार
  • सूर्योदय - 06:09 ए.एम सूर्यास्त-6:39 पी.एम
  • नक्षत्र - आश्लेषा 07:55 ए.एम तक फिर मघा
  • चंद्र राशि - कर्क, स्वामी-चंद्रमा 07:55 ए.एम तक फिर सिंह, स्वामी राशि-सूर्य
  • सूर्य राशि - मीन,स्वामी ग्रह-गुरु
  • करण - वणिज 08:34 ए.एम तक फिर विष्टि
  • योग - शूल 06:13 पी.एम तक तत्पश्चात गण्ड

आज के शुभ मुहूर्त

  • अभिजीत - 11:58 ए.एम से 12:48 पी.एम तक
  • विजय मुहूर्त - 02:23 पी.एम से 03:26 पी.एम तक
  • गोधुली मुहूर्त - 06:22 पी.एम से 07:22 पी.एम तक
  • ब्रह्म मुहूर्त - 4:03 ए.एम से 05:09 ए.एम तक
  • अमृत काल - 06:03 ए.एम से 07:44 ए.एम तक
  • निशीथ काल मुहूर्त - रात्रि 11:43 से 12:25 तक रात
  • संध्या पूजन - 06:30 पी.एम से 07:05 पी.एम तक

दिशा शूल - उत्तर दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशा शूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त - राहुकाल-सायंकाल 03 बजे से 04:30 बजे तक

क्या करें - आज परम पवित्र व्रत एकादशी है। बहुत ही पुण्यदायी उपवास है। भगवान विष्णु की उपासना करें। साप्ताहिक मंगलवार व्रत रहें। एकादशी तिथि व्रत, उपासना व वैष्णव पूजा का पुण्य दिवस है। श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। भगवान कृष्ण को समर्पित शुक्ल पक्ष एकादशी का नियमित व्रत रहें। मन में हर पल भगवान विष्णु के किसी भी नाम का जप करें। नियम पूर्वक व्रत व दान-पुण्य करना बहुत फलित होता है। किसी भी मंद‍िर परिसर में नीम, महुआ, बेल, बरगद ,आम, पाकड़ व पीपल का पेड़ लगाएं। अपने घर के मंदिर में अखण्ड दीप जलाइए। श्री सूक्त का भी पाठ करें। ब्रह्म मुहूर्त में श्री राम रक्षा स्तोत्र का पाठ बहुत फ़लदायी है। मन का सात्विक होना बहुत आवश्यक है। मंद‍िर में कीर्तन कराएं, भगवान विष्णु के विग्रह की 04 परिक्रमा करें। उनको मिठाई व तुलसी दल अर्पित करें। सात अन्न का दान करें। श्री कृष्ण उपासना व्यक्ति को निर्भय बनाती है। एकादशी को मन, वचन व कर्म से किसी व्यक्ति को कष्ट मत दें।

क्या न करें- एकादशी को संभव हो तो चावल ग्रहण मत करें। किसी भी प्राणी को कष्ट मत दें। निंदा मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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