Aaj Ka Panchang 6 July 2024 In Hindi, Gupt Navratri 2024 Kalash Sthapana Muhurat: पंचांग अनुसार आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी। इस दिन से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है। बाकी नवरात्रि की तरह इस नवरात्रि में भी पहले दिन घटस्थापना किए जाने का विधान है। नवरात्रि के पहले ही दिन त्रिपुष्कर योग भी बन रहा है। जिस वजह से इस नवरात्रि का महत्व कई गुना बढ़ गया है। चलिए जानते हैं गुप्त नवरात्रि कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा और दिन भर के अन्य मुहूर्तों की जानकारी भी यहां आपको देंगे।
Gupt Navratri 2024 Ghatsthapana Muhurat (गुप्त नवरात्रि 2024 घटस्थापना मुहूर्त)
आषाढ़ निवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त 6 जुलाई 2024 की सुबह 05:29 से 10:07 बजे तक रहेगा। घटस्थापना का अभिजित मुहूर्त सुबह 11:58 से दोपहर 12:54 तक रहेगा।
Aaj Ka Panchang 6 July 2024 (6 जुलाई का पंचांग)
संवत- पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह-आषाढ़ ,शुक्ल पक्ष
तिथि-प्रतिपदा
व्रत- गुप्त नवरात्रि प्रतिपदा व्रत
दिवस-शनिवार
सूर्योदय-05:23am
सूर्यास्त-07:23pm
नक्षत्र-पुनर्वसु
चन्द्र राशि- मिथुन,स्वामी-बुध 10:35 pm तक फिर कर्क
सूर्य राशि- मिथुन ,स्वामी -बुध
करण-किषतुधन04:32pm तक फिर बव
योग- व्याघात
6 July 2024 Shubh Muhurat (6 जुलाई शुभ मुहूर्त)
अभिजीत-11:53am से 12:45 pm
विजय मुहूर्त-02:24pm से 03:27 pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:35 pm से 07:08pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त-4:11am से 05:08am तक
अमृत काल-06:08am से 07;57am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:53 से 12:43 तक रात
संध्या पूजन-06:49 pm से 07:41pm तक
दिशा शूल-पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त--राहुकाल -प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक
क्या करें- आज से गुप्त नवरात्रि का पावन व्रत रहें। मन्दिर में भगवान शिव व माता दुर्गा जी की पूजा करें। शिवलिंग पर मधु, दही, गंगा जल व बेलपत्र अर्पित करें व उनकी उपासना करें। भगवान शिव कल्याणकारी हैं। गुप्त नवरात्रि व्रत बहुत ही फलदायी है। धन व यश प्राप्ति के लिए माता दुर्गा जी की उपासना बहुत उत्तम है। आज अन्नदान का बहुत महत्व है। आज का प्रथम उपवास निराजल, फलाहार या जैसा आपका स्वास्थ्य हो, वैसा ही होगा। काली मन्दिर में प्रसाद अर्पित करें। बंगलामुखी अनुष्ठान का आज बहुत महत्व है। माता पीतांबरा का दर्शन करें। किसी भी शिव मंदिर परिसर में पाकड़ ,आम , बेल व पीपल का पेड़ लगाएं। इस गर्मी में जल व मिठाई दान का भी बहुत महत्व है। शिवपुराण व दुर्गासप्तशती का पाठ करें। काली मन्दिर में भंडारा भी करवा सकते हैं। गो माता को पालक व गुड़ खिलाएं। चिड़ियों को दाना पानी दें। अन्न का दान करें। माता दुर्गा के 32 नाम के जप से कई जन्मों के पापों का शमन होता है। इस समय तांत्रिक पूजाओं का बहुत महत्व है।
क्या न करे-पर निंदा से बचें।
